फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Wild Life, 402 birds of eight species Foreign guests reached Renukaji thousands of kilometers away in search o

Wild Life Himachal: भोजन की तलाश में हजारों किमी दूर रेणुकाजी पहुंचे विदेशी मेहमान

Wed, 14 Dec 2022 06:01 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन/ददाहू (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन/ददाहू (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 14 Dec 2022 06:01 PM IST
सार

भोजन की तलाश में पहुंचे मेहमान रेणुकाजी झील के अंतिम भाग में बनाए गए टापू में विचरण कर रहे हैं। ये पर्यटकों के लिए भी आकर्षण बने हुए हैं। अब तक आठ प्रजातियों के 402 परिंदे वेटलैंड में डेरा जमा चुके हैं। 

विज्ञापन
Wild Life, 402 birds of eight species Foreign guests reached Renukaji thousands of kilometers away in search o
रेणुकाजी पहुंचे विदेशी मेहमान - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के रेणुकाजी वेटलैंड इन दिनों विदेशी परिंदों से गुलजार हो गया है। भोजन की तलाश में पहुंचे मेहमान रेणुकाजी झील के अंतिम भाग में बनाए गए टापू में विचरण कर रहे हैं। ये पर्यटकों के लिए भी आकर्षण बने हुए हैं। अब तक आठ प्रजातियों के 402 परिंदे वेटलैंड में डेरा जमा चुके हैं। यह पहला मौका है, जब दिसंबर में आधा दर्जन से अधिक प्रजातियों के पक्षियों ने यहां आशियाना बनाया है। इनमें ग्रीन विंग टील प्रजाति के पक्षी दूसरी बार पहुंचे हैं। ग्रेट इग्रेट और ग्रेट कोर्मोरेंट प्रजातियों के कुछ अन्य पक्षी भी दिसंबर में पहुंच चुके हैं। ये जनवरी तक यहां डेरा जमाते थे। 

विज्ञापन


रेणुकाजी घाटी का शांत और अनुकूल वातावरण इन परिंदों को खूब रास आ रहा है। यहां इन्हें भोजन भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है। लिहाजा, प्रतिवर्ष हजारों किलोमीटर लंबा सफर तय कर पक्षी यहां पहुंचते हैं। बुधवार को प्राप्त विभागीय आंकड़ों के अनुसार 402 प्रवासी पक्षी रेणुकाजी वेटलैंड पहुंचे हैं। वन्य प्राणी विभाग का कहना है कि इन पक्षियों के पहुंचने से बर्ड फ्लू जैसा कोई खतरा नहीं है। इनके लिए विशेष टापू बनाया गया है। 13 सीसीटीवी कैमरों से इनकी निगरानी रखी जा रही है।
विज्ञापन


इन प्रजातियों के पक्षी पहुंचे 
अब तक रेणुकाजी पहुंचे विदेशी परिंदों में यूरेशियन कूट-29, यूरेशियन मूरहेन- 320, इंटर मीडिएट इग्रेट-3, लिटिल कोर्मोरेंट-3, मैलार्ड-16, ग्रेट इग्रेट-1, ग्रेट कोर्मोरेंट -10 और ग्रीन विंग टील-20 शामिल हैं। रेणुका झील के अतिरिक्त साथ लगते जटोन बैराज और गिरि नदी में भी प्रवासी पक्षी अठखेलियां करते दिखाई दे रहे हैं। बीते वर्ष दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक इनकी संख्या 308 थी। यह इस बार 400 का आंकड़ा पार कर चुकी है। वन्य प्राणी विभाग की मानें तो संख्या का घटना-बढ़ना मौसम पर निर्भर करता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


संख्या बढने के आसार
अभी तक आठ प्रजातियों के 402 पक्षियों ने रेणुकाजी घाटी में डेरा जमाया है। सर्दी बढ़ने और बर्फबारी होने पर इन पक्षियों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। ये पक्षी फरवरी तक स्वदेश लौट जाते हैं। फिलहाल, किसी नई प्रजाति का आगमन अभी नहीं हुआ है। इनमें ग्रीन विंग टील दो साल से पहुंच रहे हैं। इनके आने से बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं है।
- नंदलाल ठाकुर, आरओ, वन्य प्राणी विहार रेणुकाजी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed