West Asia Crisis: खाड़ी देशों में रह रहे हिमाचली बोले-तनाव है पर हम सुरक्षित, परिजन फोन से संपर्क में
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर क्षेत्र से दुबई, कुवैत और सऊदी अरब में काम करने गए कई युवक असमंजस की स्थिति में हैं, जबकि उनके परिजन लगातार फोन पर उनकी सुरक्षा की जानकारी लेने में जुटे हैं।
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ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव का असर खाड़ी देशों में कार्यरत भारतीयों पर भी दिखने लगा है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर क्षेत्र से दुबई, कुवैत और सऊदी अरब में काम करने गए कई युवक असमंजस की स्थिति में हैं, जबकि उनके परिजन लगातार फोन पर उनकी सुरक्षा की जानकारी लेने में जुटे हैं। हालांकि, सभी युवक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। सुंदरनगर के डीनक निवासी साहिद अंजुम दुबई के जबल अली क्षेत्र में कार्यरत हैं, जो सी-पोर्ट के पास स्थित है और समुद्र के पार ईरान की सीमा है। साहिद अंजुम ने बताया कि पिछले शनिवार को ईरान की ओर से हमला हुआ था, जिसमें कई मिसाइलें गिरीं और कुछ स्थानों पर हल्का नुकसान भी हुआ। सोमवार को भी मिसाइलें गिरने की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि आम नागरिकों के इलाके फिलहाल सुरक्षित हैं। साहिद ने परिवार को आश्वस्त किया कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
भोजपुर बाजार निवासी दीपक भारद्वाज कुवैत के महबूला शहर में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि महबूला क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और वहां किसी प्रकार की घटना नहीं हुई है। उनके अनुसार हमले मुख्य रूप से सीमा क्षेत्रों में हो रहे हैं, विशेषकर ईराक, ईरान और सऊदी अरब की सीमाओं के पास। उन्होंने माना कि क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और लोग सतर्क हैं। जडोल पंचायत के ठारू गांव निवासी मनसा राम ने बताया कि उनका पुत्र राकेश कुमार कुवैत में नौकरी करता है। राकेश ने भारतीय समयानुसार रात 11 बजे फोन कर बताया कि उसके शहर से लगभग 150 किलोमीटर दूर मिसाइल हमले हुए हैं। हालांकि, उसके कार्यस्थल और आवास के पास कोई हमला नहीं हुआ है। राकेश ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने एहतियातन कर्मचारियों को कैंपस और आवास परिसर में ही रहने के निर्देश दिए हैं। मनसा राम ने बताया कि बाद में दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। हालांकि, परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि नेटवर्क में व्यवधान के कारण संपर्क नहीं हो पाया होगा।
खाड़ी देशों में काम कर रहे ऊना के युवक, घर पर इंतजार और चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच चल रहे विवाद का असर अब ऊना जिले तक महसूस किया जा रहा है। दुबई, कतर, कुवैत और सऊदी अरब सहित खाड़ी देशों में काम कर रहे जिले के सैकड़ों युवाओं और उनके परिवारों में अनिश्चितता व चिंता का माहौल है। हवाई उड़ानें रद्द होने के कारण सभी वहीं फंस गए हैं। हालांकि, अभी भी उनका कामकाज वहां चल रहा है, लेकिन कब क्या घटित हो जाए, इसको लेकर परिजन चिंतित हैं। जानकारी के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों में ऊना के युवा होटल, निर्माण, परिवहन, सुरक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में कार्यरत हैं। हालिया हमलों और हवाई सुरक्षा अलर्ट की खबरों के बाद परिवारों की बेचैनी बढ़ गई है। परिजन लगातार फोन कर अपने बेटों का कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। कई परिजनों ने बताया कि देर रात तक वीडियो कॉल कर हालात जानने की कोशिश की जा रही है। उधर, सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरें चिंता को और बढ़ा रही हैं। तनाव बढ़ने के बीच कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है। ऊना के कई युवा, जो छुट्टियां बिताकर भारत लौटे थे या वापसी की तैयारी में थे, उनकी फ्लाइट रद्द हो गई है। फिलहाल ऊना के सैकड़ों परिवार अपने बेटों की सलामती की दुआ कर रहे हैं और स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। यहां के अक्षय राणा, बलराम, ऊषा देवी, रोहित कुमार सहित अन्य ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली है।
अफवाहों से बचने की अपील
उपायुक्त जतिन लाल का कहना है कि केंद्र सरकार और दूतावासों से मिलने वाले निर्देशों पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसियों से समन्वय किया जाएगा। भारतीय दूतावासों द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार नागरिकों को सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
परिजनों को वीडियो कॉल पर बोले नागेश... यहां हालात सामान्य
माता-पिता जी...इस्राइल के शहर पेटाह तिक्वा में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। यहां पर दिनचर्या अन्य दिनों की तरह ही सामान्य है। बच्चे सुबह अपने स्कूल, जबकि नौकरीपेशा अपने कामकाज से निकल जाते हैं। शाम को बच्चे बगीचों में घूमते और खेलते नजर आते हैं। किसी भी प्रकार के हालात से निपटने के लिए इस्राइल सरकार और प्रशासन पूरी तरह से सक्षम है। इस्राइल के पेटाह तिक्वा शहर में बतौर हेल्थ केयर अधिकारी तैनात चंबा के रजेरा निवासी नागेश कुमार ने वीडियो कॉल के जरिये अपने परिजनों को यह बात बताई। उन्होंने बताया कि अमेरिका-इस्रायल-ईरान युद्ध के दौरान यहां की सरकार की ओर से होम अलर्ट कमांड एप जारी किया गया है। इस एप के जरिये किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि होने का आभास होने पर अलर्ट करते हुए सभी को बूम शेल्टर में चले जाने के निर्देश जारी होता है। स्थिति पूरी तरह से सामान्य होने के 20 मिनट बाद एप के जरिये सभी को वापस अपने कमरों में जाने के निर्देश मिलते हैं। सभी अपनी दिनचर्या के अनुसार ही कार्य कर रहे हैं। युद्ध जैसे हालात तो दूर, यहां पर इस प्रकार की स्थिति बनती भी नजर नहीं आ रही है। नागेश के पिता मन बहादुर थापा ने बताया कि उनका बेटा ढाई साल से इस्राइल के पेटाह तिक्वा शहर में बतौर हेल्थ केयर अधिकारी तैनात है। तीन माह पहले वह अपनी छुट्टियों के दौरान यहां आया था। घर पर माता-पिता, नागेश की पत्नी, एक पोता और नागेश का छोटा भाई हैं। नागेश ने वीडियो कॉल के जरिये अपना हाल बताया और आसपास की स्थिति दिखाई, तब जाकर सभी परिजनों की जान में जान आई है।
