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सदन तय करेगा मर्ज एरिया में पेयजल की नई दरें
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शिमला। पेयजल कंपनी की सहमति के बाद मर्ज एरिया के हजारों लोगों को पानी की महंगी दरों से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने विस्तृत प्रस्ताव बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर निगम उन लोगों को राहत देने को तैयार हैं जिनके भवन एमसी में शामिल होने से पहले बन चुके थे। इनकी पेयजल दरें कोर एरिया के बराबर ही करने की तैयारी है। लेकिन जो भवन निगम में शामिल होने के बाद बिना नक्शों के बनाए गए हैं, उन्हें राहत देने पर अभी भी संशय है। यदि निगम उन्हें राहत देता है तो शहर में बाकी जगहों पर भी अवैध रूप से बने भवनाें को राहत देनी पड़ेगी। नई दरें तय करने के लिए स्पेशल हाउस बुलाने पर भी चर्चा चल रही है। निगम की मासिक बैठक 30 सितंबर को होगी लेकिन इसमें पेयजल दरें निर्धारित नहीं हो पाएंगी। वहीं अक्तूबर के पहले हफ्ते में आयुक्त पंकज राय शहर में नहीं होंगे। उनके शिमला लौटने पर ही सदन बुलाया जा सकता है।
कोर एरिया के बराबर हो सकती हैं नई पेयजल दरें
मर्ज एरिया में वर्तमान पेयजल दरें 44 रुपये प्रति किलोलीटर है जो कोर एरिया से तीन गुना ज्यादा है। पेयजल कंपनी कोर और मर्ज एरिया में पानी के एक समान रेट होने पर सहमति दे चुकी है। ऐसे में मर्ज एरिया के लोगों को भी कोर एरिया के बराबर 16 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से पेयजल सुविधा मिल सकती है। इसका विस्तृत प्लान निगम से मांगा है। निगम से मिलने वाले प्रस्ताव को कंपनी मंजूरी देने को तैयार है।
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सदन में इन बिंदुओं पर होना है मंथन
सदन में फैसला होगा कि मर्ज एरिया के सभी अवैध भवनों को राहत देनी है या सिर्फ पुराने भवन मालिकों को? यदि राहत देनी है तो नई दरें क्या होंगी? नये और पुराने भवनों का अंतर कैसे होगा? नियमों में क्या क्या बदलाव करने हैं? यदि मर्ज एरिया में पानी की दरें कोर एरिया के बराबर की जाती हैं तो सभी पार्षदों को सहमत करना भी मुश्किल होगा। कोर एरिया के कई पार्षद चाहते हैं कि यदि मर्ज एरिया में पेयजल दरें घटती हैं तो वहां टैक्स की दरें भी बढ़ाई जानी चाहिए। अभी मर्ज एरिया में टैक्स की दरें कोर एरिया से कम हैं।
सदन में करेंगे चर्चा
नगर निगम आयुक्त पंकजराय ने कहा कि मर्ज एरिया में नई पेयजल दरें तय करने के लिए सदन में चर्चा की जाएगी। इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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नगर निगम उन लोगों को राहत देने को तैयार हैं जिनके भवन एमसी में शामिल होने से पहले बन चुके थे। इनकी पेयजल दरें कोर एरिया के बराबर ही करने की तैयारी है। लेकिन जो भवन निगम में शामिल होने के बाद बिना नक्शों के बनाए गए हैं, उन्हें राहत देने पर अभी भी संशय है। यदि निगम उन्हें राहत देता है तो शहर में बाकी जगहों पर भी अवैध रूप से बने भवनाें को राहत देनी पड़ेगी। नई दरें तय करने के लिए स्पेशल हाउस बुलाने पर भी चर्चा चल रही है। निगम की मासिक बैठक 30 सितंबर को होगी लेकिन इसमें पेयजल दरें निर्धारित नहीं हो पाएंगी। वहीं अक्तूबर के पहले हफ्ते में आयुक्त पंकज राय शहर में नहीं होंगे। उनके शिमला लौटने पर ही सदन बुलाया जा सकता है।
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कोर एरिया के बराबर हो सकती हैं नई पेयजल दरें
मर्ज एरिया में वर्तमान पेयजल दरें 44 रुपये प्रति किलोलीटर है जो कोर एरिया से तीन गुना ज्यादा है। पेयजल कंपनी कोर और मर्ज एरिया में पानी के एक समान रेट होने पर सहमति दे चुकी है। ऐसे में मर्ज एरिया के लोगों को भी कोर एरिया के बराबर 16 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से पेयजल सुविधा मिल सकती है। इसका विस्तृत प्लान निगम से मांगा है। निगम से मिलने वाले प्रस्ताव को कंपनी मंजूरी देने को तैयार है।
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सदन में इन बिंदुओं पर होना है मंथन
सदन में फैसला होगा कि मर्ज एरिया के सभी अवैध भवनों को राहत देनी है या सिर्फ पुराने भवन मालिकों को? यदि राहत देनी है तो नई दरें क्या होंगी? नये और पुराने भवनों का अंतर कैसे होगा? नियमों में क्या क्या बदलाव करने हैं? यदि मर्ज एरिया में पानी की दरें कोर एरिया के बराबर की जाती हैं तो सभी पार्षदों को सहमत करना भी मुश्किल होगा। कोर एरिया के कई पार्षद चाहते हैं कि यदि मर्ज एरिया में पेयजल दरें घटती हैं तो वहां टैक्स की दरें भी बढ़ाई जानी चाहिए। अभी मर्ज एरिया में टैक्स की दरें कोर एरिया से कम हैं।
सदन में करेंगे चर्चा
नगर निगम आयुक्त पंकजराय ने कहा कि मर्ज एरिया में नई पेयजल दरें तय करने के लिए सदन में चर्चा की जाएगी। इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।