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कुल्लू में बाढ़ के कारण बड़ा ब्यास का जलस्तर, पंडोह डैम से पानी छोड़ने की तैयारी
Fri, 22 Feb 2019 10:50 AM IST
ashok chauhan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
Published by: ashok chauhan
Updated Fri, 22 Feb 2019 10:50 AM IST
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वीरवार को मंडी और कुल्लू जिलों में हुई भारी बारिश के कारण ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण मंडी जिला के लारजी डैम से पानी छोड़ दिया गया है।
वहीं, पंडोह डैम से भी पानी छोड़ने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, लारजी डैम से अभी मात्र 250 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया है जोकि नाममात्र ही है। लेकिन जलस्तर और बढ़ने पर पानी ज्यादा छोड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।
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वहीं, पंडोह डैम से भी पानी छोड़ने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, लारजी डैम से अभी मात्र 250 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया है जोकि नाममात्र ही है। लेकिन जलस्तर और बढ़ने पर पानी ज्यादा छोड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।
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पंडोह बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचा
प्रतीकात्मक तस्वीर
लारजी डैम के अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि सर्दियों के मौसम में इतना जलस्तर नहीं बढ़ता, लेकिन बारिश अधिक होने के कारण जलस्तर में इजाफा हुआ है जिस कारण पानी छोड़ना पड़ा है। वहीं, पंडोह डैम से भी पानी छोड़ने की तैयारी की जा रही है।
पंडोह डैम के वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता राजेश हांडा ने बताया कि पंडोह बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। यदि जलस्तर में और इजाफा हुआ तो रात को कभी भी पानी छोड़ना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से ब्यास नदी के किनारे न जाने का आह्वान किया है।
पंडोह डैम के वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता राजेश हांडा ने बताया कि पंडोह बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। यदि जलस्तर में और इजाफा हुआ तो रात को कभी भी पानी छोड़ना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से ब्यास नदी के किनारे न जाने का आह्वान किया है।