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सूचना देने में लापरवाही पर एमडी और डीएम को चेतावनी
Wed, 30 Jan 2019 10:54 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 30 Jan 2019 10:54 AM IST
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प्रदेश सूचना आयोग ने आरटीआई एक्ट के प्रावधानों को हल्के में लेने पर प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक और मंडलीय प्रबंधक को चेतावनी जारी की है। आयोग ने एमडी और डीएम दोनों को चेताया है कि वे भविष्य में आरटीआई के मामलों का निपटारा करते वक्त अधिक सतर्क रहें।
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साथ ही अपीलकर्ता को हुई परेशानी की एवज में 1500 रुपये का मुआवजा जारी करने के भी आदेश दिए हैं। यह आदेश राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान के कोर्ट ने जारी किए हैं।
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जिला कांगड़ा के देहरा निवासी अपीलकर्ता कमलेश कुमार ने कनिष्ठ कार्यालय सहायक आईटी से संबंधित जानकारी मांगी थी। साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की कटऑफ लिस्ट और अन्य सूचनाएं मांगी थीं।
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यह सूचनाएं एचआरटीसी के डीएम प्रशासन शिमला से मांगी गईं। इसके बाद अपीलकर्ता ने एचआरटीसी के प्रबंधक निदेशक के पास बतौर प्रथम अपीलीय अथारिटी अपील की। आयोग ने पाया कि इन दोनों अधिकारियों के स्तर पर सूचना देने के मामले में लापरवाही रही।
हालांकि आयोग के हस्तक्षेप के दौरान यह सूचना दे दी गई। आयोग ने कमलेश कुमार बनाम एमके शर्मा मामले का निपटारा करते हुए टिप्पणी की कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान मेें रखते हुए यह स्पष्ट है कि आवेदक को आरटीआई एक्ट के तहत मांगी गई सूचना से वंचित रखा गया।
आयोग ने डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से पब्लिक अथारिटी को आवेदक को 1500 रुपये का मुआवजा अदा करने के भी आदेश दिए। आयोग ने इस आदेश के चार सप्ताह के भीतर अनुपालना रिपोर्ट भेजने को भी कहा है।