खाली पीरियड में धूप से बच्चों में बढ़ाएंगे विटामिन डी, आउटडोर गेम्स पर देंगे जोर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आयरन की गोलियां देने के साथ-साथ अब विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए भी प्रयास तेज हो गए हैं। केंद्र सरकार के आदेशों पर शिक्षा विभाग ने स्कूलों में फ्री और एक्सट्रा पीरियड में धूप में बैठाकर बच्चों में विटामिन डी बढ़ाने की तैयारी शुरू की है। इसके तहत इंडोर के बजाय आउटडोर गेम्स पर शिक्षकों को जोर देने के लिए कहा गया है। बच्चों में विटामिन डी की कमी दूर करने के लिए प्रार्थना सभा में भी जागरूक किया जाएगा।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस बाबत सभी जिला उपनिदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को आदेश जारी कर दिए हैं। निदेशालय के अनुसार प्रदेश में 50 से 60 फीसदी स्कूली विद्यार्थियों में विटामिन डी की कमी पाई गई है। छोटी उम्र में विटामिन डी की कमी से बच्चों की हड्डियां कमजोर हो रही हैं। इसके अलावा बच्चों के इम्यून सिस्टम पर भी इसका असर पड़ रहा है।
विटामिन डी की कमी से एनर्जी लेवल पर भी बुरा असर पड़ रहा है। बहुमंजिली इमारतों और घने होते जा रहे मोहल्लों के कारण घरों में धूप ठीक तरह से नहीं आने के कारण जहां बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, वहीं इससे घर में भी नमी बनी रहती है। इस कारण विटामिन डी की कमी बढ़ रही है।
इस समस्या को दूर करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने स्कूली बच्चों को खुले में अधिक गतिविधियां करवाने की तैयारी शुरू की है। शिक्षकों को आदेश जारी किए गए हैं कि स्कूलों में आधी छुट्टी के दौरान इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि कोई भी बच्चा कक्षा में बैठा न रहे। सभी को खुले में लाकर कुछ देर के लिए धूप सेंकने के लिए लाया जाए। बंद कमरों में खेले जाने वाले खेलों की जगह खुले मैदानों में खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
विटामिन डी शरीर की टी कोशिकाओं की क्रियाविधि में वृद्धि करता है जो किसी भी बाहरी संक्रमण से शरीर की रक्षा करती हैं। इसकी मानव प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मुख्य भूमिका होती है। इसकी पर्याप्त मात्रा के बिना प्रतिरक्षा प्रणाली की टी कोशिकाएं बाहरी संक्रमण पर प्रतिक्रिया देने में असमर्थ रहती हैं। टी कोशिकाएं सक्रिय होने के लिए विटामिन डी पर निर्भर रहती हैं।
जब भी किसी टी कोशिका का किसी बाहरी संक्रमण से सामना होता है यह विटामिन डी की उपलब्धता के लिए एक संकेत भेजती है। इसलिए टी कोशिकाओं को सक्रिय होने के लिए भी विटामिन डी आवश्यक होता है। यदि इन कोशिकाओं को रक्त में पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिलता तो वे चलना भी शुरू नहीं करती हैं।