वीरभद्र सिंह संपत्ति मामला, 8 मई को होगी चार्जशीट पर सुनवाई
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर सुनवाई के लिए विशेष अदालत ने शनिवार को 8 मई की तारीख तय कर दी। मामले में कोर्ट तय करेगी कि चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं।
अदालत चार्जशीट व उसके साथ पेश दस्तावेज की समीक्षा कर रही है। एजेंसी ने वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह सहित नौ लोगों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में 3 अप्रैल को चार्जशीट दाखिल की थी।
अगर अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया, तो वीरभद्र सिंह व अन्य आरोपियों को समन कर सकती है। ऐसे हालात में आरोपियों को कोर्ट में पेश होकर जमानत लेनी होगी। सीबीआई ने इस आरोप पत्र में वीरभद्र सिंह, प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान, उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंद्र सिंह, प्रेमराज, लवन कुमार रोच, वाकामुल्ला चंद्रशेखर और राम प्रकाश भाटिया को आरोपी बनाया है।
सीबीआई ने पेश की है 222 गवाहों की सूची
सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 109, 465, 471 और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2), उपधारा 13(1)(ई) के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया है। सीबीआई ने करीब 222 गवाहों की भी सूची पेश की है।
जांच एजेंसी ने 23 सितंबर 2016 को वीरभद्र सिंह, प्रतिभा सिंह, आनंद चौहान और चुन्नी लाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। चौहान के खिलाफ यह दूसरा मामला है। उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने 6 सितंबर 2016 को मनी लांड्रिंग प्रीवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप पत्र दायर किया था।
सीबीआई ने आरोप पत्र में तर्क रखा है कि वीरभद्र सिंह 28 मई 2009 से 18 जनवरी 2011 और 19 जनवरी 2011 से 26 जून 2012 के दौरान केंद्र सरकार में बतौर मंत्री थे।
आरंभिक जांच में पाया गया कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2012 तक केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित तौर पर आय से अधिक अर्जित की थी। जांच में पता चला कि उनकी आय 192 प्रतिशत अधिक पाई गई है।