प्रेम कुमार धूमल बेकसूर है तो फिर डर क्यों रहे हैं?
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि भाजपा नेताओं के ये आरोप गलत हैं कि सरकार बदले की भावना से केस बना रही है। कांग्रेस चार्जशीट में लगे आरोपों की जांच करना मुख्यमंत्री के नाते मेरा कर्त्तव्य है। मैं यही कर रहा हूं। यदि धूमल बेकसूर हैं तो क्यों डर रहे हैं?
उन्हें न्यायालय से न्याय मिलेगा। वह बुधवार देर शाम लायंस क्लब धर्मशाला के कार्यक्रम में अपनी बातें साझा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि धूमल दो बार मुख्यमंत्री बने और दो ही बार उन्होंने मुझ पर क्रिमिनल केस बनावाए।
लेकिन, अदालत से मुझे हर बार न्याय मिला। जब धूमल मुख्यमंत्री थे तो बुशहर में मेरी संपत्ति की आठ बार पैमाइश हुई। मेरे फोन टैप हुए। हिमाचल भवन में टेबल बगिंग की गई। मेरे पीछे इस तरह सीआईडी छोड़ी जैसे मैं कोई अंतरराष्ट्रीय अपराधी था।
शांता ने नहीं किया ऐसा कामः सीएम
सीएम ने कहा कि ऐसी राजनीति हिमाचल में कभी नहीं हुई थी। शांता कुमार भी हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे। उनके और हमारे राजनीतिक मतभेद थे। लेकिन, शांता कुमार ने सरकार शालीनता से चलाई। काश, धूमल में भी ऐसी शालीनता होती।
उन्होंने लोगों से समाज को बांटने वाले तत्वों से सावधान रहने के लिए सचेत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भावनात्मक तौर पर लोगों को बांटकर अपने स्वार्थ सिद्ध करते हैं, जिससे समाज का कभी भला नहीं हो सकता।
उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर धर्मशाला में ही बनेगा। लायंस क्लब धर्मशाला के काम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि लायंस क्लब को दी गई भूमि की लीज अवधि बढ़ाने पर विचार करेंगे।
खेलें बंद होने पर सरकार करेगी विरोध
हिमाचल में साईं के खेल संस्थानों को केंद्र सरकार द्वारा बंद करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं मिली है। यदि ऐसा कोई आदेश आएगा तो प्रदेश सरकार उसका विरोध करेगी। दरअसल, साई हॉस्टल धर्मशाला में इस सत्र से हॉकी और एथलेटिक खेलें बंद कर दी गई हैं। इससे साई में प्रशिक्षण ले रहे हिमाचल सहित बाहरी राज्यों के दर्जनों खिलाड़ियों के भविष्य पर संकट पैदा हो गया है।
वहीं, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि लबाणा समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने का मामला दोबारा केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वीरभद्र सिंह प्रयास भवन धर्मशाला में लबाणा कल्याण बोर्ड की 12वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
इसका आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने किया। मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि बद्दी के विलानवाली लबाणा गांव में अतिरिक्त वितरण के लिए पाइपें बिछाकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाए।
प्रदेश में नहीं आर्थिक संकट
राजपूत कल्याण बोर्ड की बैठक के बाद वीरवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में फिलहाल आर्थिक संकट जैसे हालात नहीं हैं।
लेकिन, आगे क्या होगा, नहीं पता। हिमाचल कांग्रेस शासित राज्य है इसलिए मोदी सरकार का क्या रवैया होगा, इसके बारे में कुछ प्रश्न चिह्न हैं। पूर्व आईपीएस एएन शर्मा को दोबारा नौकरी पर रखने के केस को लेकर वीरभद्र सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार ने इस मामले में नियमों को अनदेखा किया।
उन्होंने कहा कि इराक में बंधक बनाए गए हिमाचली युवकों की वापसी के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है।