नेताओं ने दिखाई बेरुखी, ग्रामीणों ने चंदा जमा कर शुरू किया स्कूल भवन निमाण
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लोकसभा चुनाव के बीच ग्रामीण खुद पैसे जुटाकर सरकारी स्कूल के भवन का निर्माण कर नेताओं को आईना दिखा रहे हैं। सरकारी बेरुखी से दुखी गांव के लोगों ने कुल्लू की न्यूल पंचायत के छवारा उच्च विद्यालय का भवन खुद ही बनाना शुरू कर दिया है। स्कूल को अपग्रेड हुए तीन साल हो गए, लेकिन जनप्रतिनिधियों और सरकारी अमले की उदासीनता के चलते स्कूल को नया भवन नहीं मिला।
सरकार से सहयोग न मिलता देख स्कूल प्रबंधन समिति, पंचायत और अभिभावकों ने अपने खर्चे से तीन कमरों के भवन का निर्माण करना शुरू कर दिया। छवारा गांव के 80 परिवारों ने इसके लिए मदद को हाथ बढ़ाए। तीन-तीन हजार रुपये जुटाए और श्रमदान भी किया। जून तक भवन पूरी तरह तैयार होने की संभावना है।
स्थानीय पंचायत को साथ लेकर स्कूल प्रबंधन समिति ने कई बार सरकार से भवन के लिए धन की गुहार लगाई। ढाई साल पहले सरकार को प्रस्ताव भी भेजा, लेकिन न तो सरकार ने इस पर ध्यान दिया और न ही प्रशासन और शिक्षा विभाग ने।
थक-हारकर ग्रामीणों ने खुद भवन बनाने का फैसला लिया और पहली मंजिल लगभग तैयार है। पंचायत प्रधान सूरजमणि, अभिभावक चैने राम तथा स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान जीत सिंह ने कहा कि ग्रामीण अपने स्तर पर तीन कमरों के भवन का निर्माण कर रहे हैं।
तीन साल से निजी भवन में चल रहीं कक्षाएं
स्कूल तीन साल से निजी भवन में चल रहा है। अब मकान मालिक को घर की जरूरत होने पर उन्होंने इसका विकल्प तलाशने के लिए कहा है। पंचायत प्रधान सूरजमणि ने कहा कि पंचायत ने मकान मालिक से कुछ माह तक कक्षाएं चलाने की मोहलत मांगी है।
चुनाव आचार संहिता के समाप्त होते ही शिक्षा विभाग से स्कूल के संदर्भ में रिपोर्ट मांगी जाएगी। प्रशासन की तरफ से जो भी संभव होगा सहयोग किया जाएगा। - यूनुस, उपायुक्त कुल्लू