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यूपीएससी परीक्षा: हमीरपुर के अभिषेक का आईपीएस के लिए चयन, सिरमौर के उमेश ने हासिल किया 397वां स्थान
Fri, 24 Sep 2021 10:51 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 24 Sep 2021 10:51 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर की गलोड़ तहसील के रहने वाले अभिषेक धीमान ने संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा उत्तीर्ण की है। अभिषेक का चयन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी के लिए हुआ है। वहीं, सिरमौर जिले के दिव्यांग युवा उमेश कुमार ने 397वीं रैंक हासिल की है।
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हमीरपुर के अभिषेक धीमान व सिरमौर के दिव्यांग उमेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर की गलोड़ तहसील के रहने वाले अभिषेक धीमान ने संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा उत्तीर्ण की है। रैंकिंग के आधार पर अभिषेक का चयन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी के लिए हुआ है। यूपीएससी परीक्षा परिणाम में अभिषेक धीमान की रैंकिंग 374 रही है। अभिषेक वर्तमान में बतौर एचएएस अधिकारी शिमला में ट्रेनिंग कर रहे हैं। इससे पूर्व खंड विकास अधिकारी के पद पर ननखड़ी में सेवाएं दे चुके हैं। ग्राम पंचायत नारा के गांव रटेड़ा के रहने वाले अभिषेक धीमान के पिता आरसी कौंडल लोक निर्माण विभाग में एसडीओ के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता इंदिरा रानी स्कूल लेक्चरर हैं। अभिषेक ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई हमीरपुर के एक निजी स्कूल से की है।
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इसके बाद उन्होंने बीटेक की पढ़ाई तमिलनाडु से की है। वर्ष 2018 में अभिषेक का चयन एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। इसके बाद वर्ष 2019 में अभिषेक का चयन खंड विकास अधिकारी के पद पर हुआ। करीब एक साल तक सेवाएं देने के साथ-साथ अभिषेक धीमान यूपीएससी की तैयारियों में भी डटे रहे। इस बार उनका यूपीएससी की परीक्षा में तीसरा प्रयास था, जोकि कामयाब रहा। बेटे की इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी की लहर है। वहीं, अभिषेक की मां ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए और इसके साथ ही जीवन में सफल होने के लिए नौकरी के तौर पर मिलने वाले अन्य अवसर को नहीं छोड़ना चाहिए।
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वहीं, सिरमौर के उमेश लुबाना ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 397वां स्थान प्राप्त किया है। वह हिमाचल प्रदेश के पहले दृष्टिबाधित युवा है, जिन्होंने यह मकाम हासिल किया है। वह वर्तमान में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीएचडी कर रहे हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एमए करने के दौरान ही उन्होंने यूजीसी नेट और जेआरएफ की परीक्षा पास की। मूल रूप से पांवटा साहिब के रहने वाले उमेश कुमार के पिता दलजीत सिंह कारोबारी हैं और और माता कमलेश कुमारी गृहिणी हैं। उमेश की इस उपलब्धि पर उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष और राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य प्रो. अजय श्रीवास्तव ने खुशी जताई है। श्रीवास्तव ने बताया कि उमेश मेधावी विद्यार्थी रहा है। क्लास में प्रोफेसरों का लेक्चर सुनने के साथ-साथ वह लैपटॉप पर ही नोट्स बना लेता था।
बता दें, यूपीएससी ने सीएसई मेन 2020 फाइनल परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से देश की ब्यूरोक्रेसी में नियुक्ति के लिए कुल 761 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है। शुभम कुमार ने सिविल सेवा परीक्षा 2020 में टॉप किया है। वहीं, जागृति अवस्थी और अंकिता जैन ने सिविल सेवा परीक्षा में क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया है। उम्मीदवार upsc.gov.in पर मेरिट लिस्ट चेक कर सकते हैं।
रिजल्ट अधिसूचना में कहा गया है कि संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जनवरी, 2021 में आयोजित सिविल सेवा परीक्षा, 2020 के लिखित भाग और अगस्त-सितंबर, 2021 में आयोजित व्यक्तित्व परीक्षण के लिए साक्षात्कार के परिणाम के आधार पर, योग्यता के क्रम में नियुक्ति के लिए कुल 761 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है। इस परिणाम के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, तथा केंद्रीय सेवाएं( समूह 'ए' और समूह 'बी') में नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है।
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