Shimla: केंद्रीय राज्य मंत्री भागवत कराड बोले- देश में किसी भी बैंक के निजीकरण का कोई एजेंडा नहीं
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड ने भाजपा राज्य मुख्यालय शिमला में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल को बेहतर तरीके से सेवा देने के लिए राज्य में बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों के साथ कई बैठकें की गईं।
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केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड ने कहा कि देश में किसी भी बैंक का निजीकरण नहीं किया जाएगा। सरकार का ऐसा कोई एजेंडा नहीं है। मंगलवार को शिमला के चक्कर स्थित भाजपा मुख्यालय दीपकमल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि बैंकों के निजीकरण को लेकर सरकार के स्तर पर कोई चर्चा नहीं है और कोई फैसला भी नहीं लिया गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 के अर्थ संकल्प में निजीकरण को लेकर बात कही थी, लेकिन इसको लेकर कुछ भी नहीं किया गया है। निजीकरण के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले बैंक कर्मचारियों से चर्चा की जाएगी। जब ऐसी कोई चर्चा ही नहीं है तो हड़ताल करने का मतलब भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में महंगाई बढ़ी है, लेकिन दूसरे देशों के मुकाबले कम बढ़ी है। अमेरिका और चीन में महंगाई की दर 8.8 फीसदी है, जबकि भारत में सात फीसदी है।
इसे कैसे कम किया जा सकता है, इस दिशा में काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार इसको लेकर गंभीर है। डॉ. भागवत ने कहा कि हमने जन समर्थ एप शुरू किया है। इससे ऑनलाइन ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसके तहत बैंक आपसे संपर्क करेंगे। जनता को इसके लिए बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय बहुत अच्छी है। पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों में काम कर इसे और बढ़ाया जा सकता है। हिमाचल में डबल इंजन सरकार जनता की समृद्धि के लिए काम कर रही है। आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में और अधिक सुनहरे दिन देखने को मिलेंगे। इस अवसर पर सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की और शाखाएं खोलने का केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री से अनुरोध किया। मंगलवार सुबह डॉ. भागवत ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से राजभवन और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से ओकओवर में मुलाकात की।
12 जिलों के लिए 12 वैन, किसान क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ेगी
उन्होंने कहा कि 3,500 रेहड़ी-फहड़ी को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है, जिसके तहत उन्हें अपने व्यवसाय के लिए 10,000 से 50,000 तक की राशि मिलती है। यह पंजीकरण कम है, हम इसे जल्द ही बढ़ाएंगे। कहा कि हिमाचल में 45,0000 किसान क्रेडिट कार्ड हैं। गांवों में सोसाइटियों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे जो इन खातों की संख्या फिर से बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि हम लोगों की वित्तीय साक्षरता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और नाबार्ड के माध्यम से साक्षरता स्तर को बढ़ाने के लिए गांव-गांव जाएंगे। ब्लॉक स्तर पर वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिए 12 जिलों के लिए 12 वैन उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमने 30 सितंबर तक सभी के लिए बैंक खातों को खोलने के लिए अभियान शुरू किया है और इस अभियान के अंतर्गत हमारा ध्यान नए मतदाताओं पर रहेगा।