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केंद्रीय बजट को किसने सराहा, किसे नहीं आया पसंद, पढ़ें किसने क्या कहा

Mon, 01 Feb 2021 07:46 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 01 Feb 2021 07:46 PM IST
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Union Budget 2021 Himachal News in Hindi: bjp, womens, labour unions, employees unions reaction on Union Budget
बजट 2021: किसने क्या कहा - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि आम बजट के प्रस्तुतीकरण लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को वह शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की विषम परिस्थितियों में भी यह बजट सकारात्मक रूप से सामने आया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि स्टेट स्पेसिफिक क्या मिला है, यह वित्तायोग की रिपोर्ट के आने के बाद ही साफ होगा। जयराम बोले कि आने वाले समय में वह केंद्र सरकार के समक्ष पक्ष रखेंगे। प्रदेश में विभिन्न योजनाओं के लिए वित्तपोषण संभव होगा।  सीएम जयराम ठाकुर ने सोमवार को राज्य सचिवालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि भारत का यह बजट आत्मविश्वास के साथ भरा हुआ है। आने वाले समय में एक बहुत बड़ी उम्मीद इस बजट से हुई है। इसमें प्रमुख रूप से छह स्तंभों की बात हुई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आधारभूत ढांचा, मानव पूंजी आदि पर ध्यान दिया गया है।

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स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में इस बार 137 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। इसका वह स्वागत करते हैं। कोविड वैक्सीन का अभियान चल रहा है, उसमें कहीं भी कोई कमी नहीं आएगी। पोषण अभियान पर फोकस किया गया है। डीजल, पेट्रोल आदि पर सेस लगाने से किसानों की आमदनी दोगुना करने के उद्देश्य से मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए भी बजट प्रावधान बढ़ाया गया है। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है कि रेलवे, एनएचएआई आदि को उन्होंने अपने स्तर पर प्रोजेक्ट मंजूर करने का अधिकार दिया है। पूंजीगत व्यय के लिए भी सरकार ने काफी बजट का प्रावधान किया है।  मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश स्पेसिफिक क्या मिला, इसके लिए वित्तायोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट आएगी तो मालूम होगा। 

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सर्व वर्ग हितकारी है केंद्रीय बजट : कश्यप

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हिमाचल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने केंद्रीय बजट को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त एवं कॉरपोरेट राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को बधाई दी है। कहा कि कोरोना काल में भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा धक्का लगा है। ऐसे में सर्व वर्ग हितकारी बजट प्रस्तुत करना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।  केंद्रीय बजट छह स्तंभों पर निर्धारित है। इसमें स्वास्थ्य, कल्याण, भौतिक, वित्तीय पूंजी, बुनियादी ढांचा, एस्पिरेशनल इंडिया के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी को मजबूत बनाना, नवाचार, अनुसंधान, विकास, न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन आदि शामिल हैं। 

कहा कि स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। 2020-21 के बजट अनुमान में स्वास्थ्य एवं खुशहाली के लिए बजट परिव्यय 2,23,846 करोड़ का है, जबकि इस साल का बजट अनुमान 94,452 करोड़ का है, जो 137 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि छह वर्षों में लगभग 64,180 करोड़ के परिव्यय वाली एक नई केंद्र प्रायोजित स्कीम ‘पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना’ शुरू की जाएगी। कहा कि पोषक तत्वों को बढ़ाने के साथ इनकी डिलीवरी, पहुंच और परिणाम बेहतर करने के लिए सरकार पूरक पोषण कार्यक्रम और पोषण अभियान का आपस में विलय कर देगी। सरकार सभी 112 जिलों में पोषण संबंधी परिणामों को बेहतर करने के लिए एक गहन रणनीति अपनाएगी।

देश की अर्थव्यवस्था शीघ्र पटरी पर लौटेगी : कपूर

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चंबा-कांगड़ा के सांसद किशन कपूर

चंबा-कांगड़ा के सांसद किशन कपूर ने केंद्र के बजट को देश की अर्थव्यवस्था को शीघ्र पटरी पर लाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को राहत देने की पूरी कोशिश की गई है। बजट में किसानों, प्रवासी मजदूरों, असंगठित मजदूरों के लिए मोदी सरकार ने विभिन्न योजनाएं बनाकर राहत दी है। कहा कि देश के स्वास्थ्य बजट के पूंजीगत खर्च 5.54 लाख करोड़ का प्रस्ताव और स्वास्थ्य बजट में 94 हजार करोड़ से 2.38 लाख करोड़ की वृद्धि बताती है कि केंद्र सरकार भारत के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए कृत संकल्प है। आशा जताई कि राष्ट्रीय रेल योजना-2030 में हिमाचल प्रदेश में रेललाइन के विस्तार के अन्य प्रस्ताव भी इस योजना में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को दिए जाने वाले आत्मनिर्भर पैकेज से आगामी कुछ वर्षों में किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी।

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कर्मचारियों न कुछ खोया और न ही पाया : महासंघ

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अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार - फोटो : अमर उजाला

 हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि केंद्रीय बजट से कर्मचारियों ने न कुछ खोया और न ही पाया है। सत्तर साल से अधिक आयु के रिटायर कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा। केंद्रीय बजट में रिटायरमेंट कम मृत्यु ग्रैच्यूटी राशि दस लाख से बढ़ाकर बीस लाख होने की उम्मीद थी, लेकिन कर्मचारियों को मायूस होना पड़ा। कहा कि आयकर छूट भी नहीं बढ़ाई गई।

हिमाचल प्रदेश पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव एलडी चौहान ने कहा कि केंद्रीय बजट से प्रदेश के करीब अस्सी हजार कर्मचारी एक साल से फ्रीज अतिरिक्त महंगाई भत्ते की बहाली की उम्मीद जता रहे थे, लेकिन बजट में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई। बजट से कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 1 जनवरी, 2004 से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाएगी। एक साल से फ्रीज डीए की किस्तें बहाल नहीं हुईं।

बजट ने महिलाओं को किया निराश : फालमा

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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान - फोटो : अमर उजाला

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने बजट को दिशाहीन बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं है। मनरेगा और परियोजना कर्मचारियों का भी बजट में जिक्र तक नहीं किया गया है। इस महामारी के चलते देश और प्रदेश की महिलाएं जिस बजट की आस लगाए बैठीं थी, उससे भी महिलाओं को महरूम होना पड़ा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को भी नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं की सेहत से कोई वास्ता नहीं है। देश में लगातार महंगाई बढ़ रही है। यह बजट महिलाओं की रसोई पर सीधा असर डालेगा।
 

बजट में पूंजीपतियों का बोलबाला : मेहरा

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 मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा

 मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि केंद्रीय बजट की दिशा साफ दिखा रही है कि सरकार पूंजीपतियों के साथ है। बजट ने आर्थिक संसाधन आम जनता से छीनकर अमीरों के दरबार में केंद्रित कर दिए हैं। यह बजट नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की पूंजीपतियों के साथ सेल डीड है। बजट में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की आड़ में बैंक, बीमा, रेलवे व अन्य सार्वजनिक उपक्रमों को कौड़ियों के भाव बेचने की घोषणा कर दी गई है। इस बजट में मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों व मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है। बजट में पूंजीपतियों का ही बोलबाला है। बजट दिशाहीन व निराशाजनक है।

कोरोना से बिगड़े हालात सुधारने पर केंद्रित है आम बजट: प्रो. शारदा

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विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति रहे अर्थशास्त्री प्रो. एनके शारदा - फोटो : अमर उजाला

 हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति रहे अर्थशास्त्री प्रो. एनके शारदा के मुताबिक केंद्रीय बजट में कोविड-19 के कारण बिगड़े हालात और इसे पैदा हुई चुनौतियों से निपटने पर फोकस किया गया है। बजट में हालात को सुधारने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास किए गए हैं। अर्थव्यवस्था में आई गिरावट को रोकना, विकास को गति देना, वित्तीय संसाधन जुटाने के साथ आम आदमी की अपेक्षाओं पर खरे उतरने का प्रयास भी किया गया है।  सरकार ने विनिवेश लक्ष्य को इस साल पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इससे वित्तीय घाटे को कम कर छह फीसदी तक लाया जा सकता है। बाजार ऋण और विदेशी निवेश से संसाधन जुटाने को लेकर सरकार आश्वस्त है। बजट से लगता है कि विकास का दारोमदार निजी क्षेत्र पर अधिक रहेगा। जबकि, सरकार का सरोकार सामाजिक क्षेत्र से अधिक रहेगा।

प्रो.शारदा के अनुसार बजट में ग्रामीण अधोसंरचना पर व्यय करने को 40 हजार करोड़ का प्रावधान करना, पांच प्रमुख मत्स्य हब स्थापित करने, सिंचाई के लिए अलग से बजट प्रावधान के अलावा कृषि ऋण को साढ़े 16 लाख करोड़ का प्रावधान, किसानों की आय को दोगुना करने  के वादे की ओर बढ़ते कदम हैं।  स्वास्थ्य के बजट में सबसे अधिक 137 फीसदी की बढ़ोतरी की है। टीकाकरण को 35 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। सड़कों, रेल मार्ग, विस्तारीकरण को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाने का प्रयास है। बजट में रोजगार के अवसर बढ़ाने को निवेश बढ़ाने के उपाय किए हैं। बैंकिंग सेक्टर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 20 हजार करोड़ मिलने से स्टॉक एक्सचेंज में उछाल की उम्मीद है। बजट में शिक्षा के लिए कोई बढ़ी घोषणा नहीं है, मगर संस्थान खोलने और नई शिक्षा नीति मजबूती के साथ लागू करने की बात जरूर की गई है। प्रत्यक्ष कर ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया है। टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से मध्यम और इससे निचला वर्ग जरूर निराश हुआ है। 

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