फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Ultimatum to the govt: If written orders for regularization are not issued, SMC teachers will take small children along with them on the road

सरकार को अल्टीमेटम: नियमितीकरण के लिखित आदेश जारी नहीं हुए तो छोटे बच्चों को साथ लेकर सड़क पर उतरेंगे एसएमसी शिक्षक

Thu, 03 Feb 2022 06:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 03 Feb 2022 06:38 PM IST
सार

13 फरवरी तक नियमितीकरण पर लिखित आदेश जारी नहीं किए तो एसएमसी शिक्षक क्रमिक अनशन करेंगे। 14 फरवरी को शिक्षक मुख्यमंत्री आवास ओकओवर या सचिवालय के बाहर छोटे बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों सहित सड़कों पर उतरेंगे। यह अल्टीमेटम गुरुवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप में प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता में दिया। 

विज्ञापन
Ultimatum to the govt: If written orders for regularization are not issued, SMC teachers will take small children along with them on the road
एसएमसी शिक्षक एसोसिएशन की पत्रकार वार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीरियड आधारित एसएमसी अध्यापकों ने सरकार को 13 फरवरी तक अल्टीमेटम दिया है। कहा कि उनके नियमितीकरण पर इस तिथि तक लिखित आदेश जारी नहीं किए तो वे क्रमिक अनशन करेंगे। 14 फरवरी को शिक्षक मुख्यमंत्री आवास ओकओवर या सचिवालय के बाहर छोटे बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों सहित सड़कों पर उतरेंगे। यह अल्टीमेटम गुरुवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज रौंगटा, कार्यकारी अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा और चेयरमैन राजेश भरत ने संयुक्त रूप में प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता में दिया। इन नेताओं ने स्वर्णिम दृष्टिपत्र के पेज नंबर ग्यारह के पैरा सात को पढ़ते हुए कहा कि पीटीए, पैट आदि की तरह एसएमसी की समस्या के समाधान की भी इसमें घोषणा है। नियुक्ति के दस साल बाद भी 2555 एसएमसी अध्यापकों के साथ न्याय नहीं हुआ है।

विज्ञापन


मनोज रौंगटा ने कहा कि 17 जुलाई 2012 को भाजपा सरकार के वक्त में बनी नीति से इनकी नियुक्ति हुई। क्लॉज नंबर तीन के अनुसार पद विज्ञापित हुए। क्लॉज - सात के अनुसार आरटीई एक्ट के तहत भर्ती हुई, जिसमें बीएड और टेट जरूरी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप से मांग की है कि जैसे पीटीए शिक्षकों सात साल बाद अनुबंध पर लाया, पैरा शिक्षकों को 2013 और पैट को भी नियमित किया। उर्दू और पंजाबी के अध्यापकों को भी एसएमसी की तर्ज पर भर्ती कर 2018 में नियमित किया। पॉलीटेक्नीक  संस्थानों में कल्याण फंड से नियुक्त अस्थायी अध्यापकों को 2012 में नियुक्त कर 2019 में नियमित किया। ईजीएस अध्यापक भी एसएमसी अध्यापकों की तरह नियुक्त किए थे, वे भी 2021 में नियमित हुए। उसी तरह से उन्हें भी नियमित करें। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed