फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   tug of war in virbhadra singh govt.

वीरभद्र सरकार में दिखी फूट, कौल सिंह फिर निशाने पर

Tue, 21 Jul 2015 10:27 AM IST
Updated Tue, 21 Jul 2015 10:27 AM IST
विज्ञापन
 tug of war in virbhadra singh govt.

दूसरे विभाग के मंत्रियों से शिक्षा विभाग के उद्घाटन और शिलान्यास करवाने पर सीएम ऑफिस ने कड़ा संज्ञान लिया है। आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स की तल्खी के बाद मुख्यमंत्री ऑफिस ने इस मामले में ब्यौरा तलब कर लिया है। सीएम ऑफिस ने जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों की डिटेल मांगी है।

विज्ञापन


पूछा है कि स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने बीते दिनों जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में शिक्षा विभाग के कितने और कहां-कहां उद्घाटन, शिलान्यास किए। शिक्षा विभाग के किस स्तर के अधिकारियों के ध्यान में यह मामला है? स्थानीय अधिकारियों ने किसकी राय से कार्यक्रम आयोजित किए?
विज्ञापन

सीएम ने की जवाबतलबी

 tug of war in virbhadra singh govt.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इन दिनों दिल्ली में हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री लखनऊ से दिल्ली वापस आए। सोमवार को प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान दिल्ली में थे। सीएम ऑफिस के सूत्रों ने बताया है कि मुख्यमंत्री ने इस बाबत जवाब तलब किया है। जून-जुलाई में मंत्री कौल सिंह, धनीराम शांडिल के जुब्बल-कोटखाई के कार्यक्रमों की रिपोर्ट तलब की।

इसी कड़ी में सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशक के माध्यम से उपनिदेशक ऑफिस शिमला से डिटेल दिल्ली में फैक्स करने के आदेश हुए। संबधित अधिकारी ने भी रिकॉर्ड जुटाकर रिपोर्ट दिल्ली भेज दी है। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने बीते दिनों कोटखाई के बखौल में हाई स्कूल का उद्घाटन किया जबकि धनीराम शांडिल ने जुब्बल क्षेत्र में उद्घाटन किए।

विधायक रोहित ठाकुर निशाने पर

 tug of war in virbhadra singh govt.

जुब्बल कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर दूसरी बार इस मामले को लेकर निशाने पर हैं। जुलाई के पहले सप्ताह में स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र पहुंचे थे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने दो पेयजल योजनाओं का शिलान्यास किया। इस पर सवाल उठे कि पेयजल स्कीमों का शिलान्यास करने का पहला हक संबंधित महकमे के मंत्री का रहता है।

आरोप लगे थे कि इस पूरे मामले में स्थानीय विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर ने मंत्री को र्बाईपास किया है। इसके बाद सियासी घमासान मचा। इस मामले पर स्थानीय विधायक रोहित ठाकुर ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार ठाकुर कौल सिंह और उन्हें सरकार का हिस्सा नहीं मानती। रोहित ठाकुर के इस बयान पर मंत्री विद्या स्टोक्स ने हैरानी जताई थी।

मुख्यमंत्री से करूंगा बात : रोहित
मुख्य संसदीय सचिव और जुब्बल कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर का कहना है कि इस बारे में मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। अनुमति लेने के बाद सभी कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

कोताही न बरतें अफसर : धीमान
अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने कहा है कि यह एक रूटीन मैटर है। अफसरों को नियमों में कोताही नहीं बरतनी चाहिए। इस मामले को देखा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed