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Trekkers Missing: अली रत्नी टिब्बा से लापता ट्रैकरों का चौथे दिन भी नहीं लगा सुराग

Sat, 10 Sep 2022 08:00 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Published by: Krishan Singh Updated Sat, 10 Sep 2022 08:00 PM IST
सार

अली रत्नी टिब्बा से लापता पश्चिम बंगाल के चार ट्रैकरों का चौथे दिन भी सुराग नहीं मिल पाया है। उनकी तलाश के लिए तीन टीमें गई हैं। रविवार को एसडीआरएफ की टीम भी तलाश के लिए रवाना होगी। 

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Trekkers missing from Ali Ratni Tibba were not traced even on the fourth day
अली रत्नी टिब्बा से ट्रैकर लापता। - फोटो : संवाद

विस्तार

ट्रैकिंग व क्लाइमिंग के दौरान अली रत्नी टिब्बा से लापता पश्चिम बंगाल के चार ट्रैकरों का चौथे दिन भी सुराग नहीं मिल पाया है। उनकी तलाश के लिए तीन टीमें गई हैं। रविवार को एसडीआरएफ की टीम भी तलाश के लिए रवाना होगी। तीन टीमों के 22 सदस्य चारों ट्रैकरों को तलाश रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान की 15 सदस्यीय टीम शनिवार सुबह चार बजे मलाणा से अली रत्नी टिब्बा के लिए निकली है। समुद्रतल से करीब 5,470 मीटर की ऊंचाई पर अली रत्नी टिब्बा चारों तरफ से ग्लेशियरों से घिरा हुआ है। इन लोगों का बेस कैंप भी ग्लेशियर के पास ही एक चट्टान के पास था।

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ऐतिहासिक गांव मलाणा से करीब दो से तीन दिन पैदल रास्ते को पार करने के लिए रेस्क्यू टीमों को खड़ी चढ़ाई के साथ जंगल व नालों को पार करना होगा। लापता ट्रैकरों की तलाश के लिए पहला दल आठ सितंबर की रात को निकला है जबकि दो लोगों का दल नौ सितंबर को सुबह मलाणा से गया है। इनमें ट्रैकरों का रसोइया भी शामिल है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने कहा कि अभी तक लापता लोगों का सुराग नहीं लगा है। रविवार को एसडीआरएफ का एक दल भी तलाश के लिए रवाना होगा। 
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पुणे राम ने दी प्रशासन और पुलिस को जानकारी 
मलाणा में स्नो बाइट कैफे के संचालक पुणे राम ने सबसे पहले इसकी सूचना जरी पुलिस व जिला आपदा प्रबंधन को दी। अली रत्नी टिब्बा से तीन लोग मदद के लिए मलाणा पहुंचे तो इन लोगों ने सबसे पहले नग्गर के नथान के रहने वाले युवा पुणे राम से मदद मांगी। पुणे राम ने इन लोगों को अपने कैफे में ठहराया और आठ सितंबर की रात को इसकी सूचना जिला प्रशासन व जरी पुलिस को दी। पुणे राम ने अपने भाई दयाराम को रसोइया लाकपा शेरपा के साथ लापता ट्रैकरों की तलाश के लिए भेजा है। मगर अभी कोई भी दल नहीं लौटा है। 

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