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मंत्री का छापा, बसों में नहीं मिले ‘इमरजेंसी डोर’
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Fri, 26 Sep 2014 11:19 PM IST
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परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बस स्डैंड पर अचानक छापा मार कर ऐसी बसें पाईं जिनमें इमरजेंसी दरवाजे ही नहीं थे। बिना इमरजेंसी डोर के ये बसें कैसे पास हो गईं? उन्होंने ऐसी दो बसों को जब्त करने के आदेश देते हुए बसों को पास करने वाले अधिकारियों की भी जानकारी मांगी। उन्होंने कहा ऐसे अफसरों को तुरंत सस्पेंड किया जाएगा। उनके खिलाफ जांच बैठाई जाएगी।
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शुक्रवार को परिवहन मंत्री राहियां बस हादसे में घायलों का कुशलक्षेम पूछने आ रहे थे। पत्रकार वार्ता के दौरान उनके ध्यान में मामला भी आया कि कई बसें इमरजेंसी डोर के बगैर चल रही हैं। उन्होंने तुरंत बस स्टैंड जाकर निरीक्षण शुरू किया। बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष रामलाल ठाकुर, सीपीएस राजेश धर्माणी, डीसी अजय शर्मा, एएसपी भूपेंद्र कंवर के साथ बस स्टैंड पहुंचकर निरीक्षण शुरू किया।
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दो बसों में इमरजेंसी डोर नहीं पाए गए। बाली ने दोनों बसों को तुरंत जब्त करने के आदेश दिए। यह भी कहा कि किस अधिकारी ने ये बसें पास की हैं, उसकी जानकारी दी जाए। उन्हें सस्पेंड किया जाएगा। मौके पर पुलिस बल भी बुलाया गया।
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कई बसें तो ऐसी पाई गईं, जिनमें इमरजेंसी डोर तो थे, लेकिन नट-बोल्ट लगाकर उन्हें बंद कर दिया गया था। इन दरवाजों का आकार भी छोटा था। बाली ने दिनभर अभियान जारी रखने के आदेश दिए। कुल 29 बसों के चालान काटे, जबकि दो बसों को जब्त किया गया। आरटीओ कार्यालय के अधीक्षक रमेश राणा ने इसकी पुष्टि की है।
छापा पड़ते ही खुलने लगे नट-बोल्ट
परिवहन मंत्री जीएस बाली जैसे ही बस स्टैंड में छापामारी को पहुंचे तो चालकों को इसकी सूचना मिल गई। हड़कंप मच गया और अपनी बसों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई। कुछ लोगों को इमरजेंसी डोर के दरवाजों में लगे नट-बोल्ट को खोलते हुए भी देखा गया।
घपले की आशंका
परिवहन विभाग में भी घपले की बू आ रही है। निजी बसों को रूट परमिट जारी करने के लिए होने वाली पासिंग संदेह के घेरे में आ गई है। हालात यह है कि ऐसी बसों को भी सड़क पर दौड़ने की छूट दे दी है, जिनमें इमरजेंसी डोर ही नहीं हैं। कई बसों में लगे इमरजेंसी डोर महज खानापूर्ति हैं। खिड़की के आकार के बने इन दरवाजों से संकट के समय बाहर निकलना नामुमकिन है।
दोषी अधिकारी होंगे सस्पेंड: बाली
निरीक्षण के दौरान मौजूद परिवहन विभाग के अधिकारियों को जीएस बाली ने कहा कि किसने ये बसें पास की हैं, इसकी तुरंत जानकारी दी जाए। मैं उन्हें सस्पेंड करने वाला हूं। लगभग 15 मिनट बस स्टैंड में बसों का निरीक्षण के करने के बाद वह रवाना हुए। जाते जाते यह भी कहा कि इसका मैसेज मेरे मोबाइल पर रास्ते में ही आना चाहिए।