अब नपेंगे बिना विद्यार्थियों वाले स्कूलों में टाइम पास करने वाले शिक्षक, होगा तबादला
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जीरो इनरोलमेंट वाले विषयों के शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। इन शिक्षकों को रिक्त पदों वाले स्कूलों में भेजा जाएगा। नवीं से जमा दो कक्षा में पढ़ाने वाले पीजीटी और प्रवक्ताओं के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। शनिवार को जारी आदेशों के तहत उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से एक सप्ताह के भीतर ऐसे स्कूलों का ब्योरा मांगा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक बीते एक साल के दौरान प्रदेश सरकार ने कई स्कूलों में साइंस और कामर्स विषय शुरू किए हैं। शैक्षणिक सत्र के बीच में साइंस और कामर्स शुरू होने के चलते इन स्कूलों में विद्यार्थियों ने तो प्रवेश नहीं लिया, लेकिन जुगाड़ तंत्र के सहारे कई शिक्षकों ने यहां अपने तबादले करवा लिए।
बीते कई माह से ऐसे स्कूलों में बिना विद्यार्थियों को पढ़ाए ही ये शिक्षक भारी-भरकम वेतन पा रहे हैं। निदेशालय ने इस पर संज्ञान लेते हुए ऐसे शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से रिक्त पदों से जूझ रहे स्कूलों में भेजने का फैसला लिया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा ने कहा है कि सभी उपनिदेशकों से रिपोर्ट मांगी गई है।
निदेशालय की कार्यप्रणाली पर सवाल
जीरो इनरोलमेंट वाले विषयों के शिक्षकों के तबादले कैसे हो गए? इसको लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। जब निदेशालय को यह मालूम था कि स्कूलों में संबंधित विषय में दाखिले नहीं हुए तो किस आधार पर वहां शिक्षक भेजे।
मुख्यमंत्री आफिस को किया गुमराह
हिमाचल में तबादलों पर बैन है। सिर्फ मुख्यमंत्री की मंजूरी से तबादले हो सकते हैं। जिस शिक्षक का तबादला किया जा रहा है, उसे जीरो इनरोलमेंट वाले स्कूल में भेजा जा रहा है। यह जानकारी मुख्यमंत्री को नहीं दी गई। ऐसे में तबादले करवाने वालों ने सीएम आफिस को भी गुमराह किया। ऐसे तबादलों के लिए डीओ देने वाले विधायकों और मंत्रियों ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।