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हिमाचल में ट्रैक्टर से खेती करना हुआ महंगा, मजदूरी भी बढ़ी

Thu, 10 Jun 2021 10:45 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, मंडी/सरकाघाट/द्रंग/नेरचौक/नाहन/ऊना
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी/सरकाघाट/द्रंग/नेरचौक/नाहन/ऊना Published by: Krishan Singh Updated Thu, 10 Jun 2021 10:45 AM IST
सार

बल्ह के किसान जोगिंद्र वालिया का कहना है कि यहां अधिकांश लोगों के पास ट्रैक्टर और पावर टिलर अपने हैं। तेल महंगा होने से काम महंगा पड़ रहा है। 

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Tractor farming became expensive in Himachal, wages also increased
ट्रैक्टर से खेती करना हुआ महंगा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर किसानों के खेतों पर भी पड़ा है। ट्रैक्टर और पावर टिलर का किराया 100 से 200 रुपये प्रति घंटा बढ़ गया है। वहीं मजदूरों का न मिलना भी किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जो मिल रहे हैं, उनकी दिहाड़ी भी अधिक है। ऐसे में खेती करना किसानों की जेब पर भारी पड़ रहा है। पैदावार पर लागत बढ़ गई है। वर्तमान में निचले क्षेत्रों में मक्की और कोदरे की बिजाई चली हुई है।

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धान की रोपाई भी मानसून की फुहारों के साथ रफ्तार पकड़ने वाली है। वहीं ऊपरी क्षेत्रों में मक्की और कोदरे की बिजाई के लिए थोड़ा समय है।  मंडी जिले में अमूमन 300 से 350 रुपये तक खेतों में काम करने के लिए मजदूर मिल जाते थे, लेकिन अब कोरोना के चलते मजदूर बाहरी क्षेत्रों में पलायन कर चुके हैं। ऐसे में जो मजदूर मिल रहे हैं, उनकी 500 रुपये दिहाड़ी पर भी काम करने की शर्त मानना किसान के लिए मजबूरी है।
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बल्ह के किसान जोगिंद्र वालिया का कहना है कि यहां अधिकांश लोगों के पास ट्रैक्टर और पावर टिलर अपने हैं। तेल महंगा होने से काम महंगा पड़ रहा है। उन्होंने अपने कुछ खेतों में किराये के ट्रैक्टर से काम करवाया है, जो करीब बीस से तीस फीसदी महंगा पड़ा है। सरकाघाट के किसान मनोज कुमार का कहना है कि छोटे खेतों में वह पावर टिलर इस्तेमाल करते हैं। इस बार पावर टिलर उन्हें सौ रुपये अधिक प्रति घंटा किराये पर मिला है।
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मजदूर तो मिल ही नहीं रहे हैं। जो मिल रहे हैं, वे पांच सौ रुपये दिहाड़ी ले रहे हैं। सिरमौर जिले में पिछले साल सिर्फ खेत की जोताई के लिए ट्रैक्टर वाला 300 रुपये प्रति बीघा ले रहा था। अब 400 रुपये ले रहा है। सिंचाई भी 100 से बढ़कर 150 रुपये प्रति घंटा हो गई है। खाद और मजदूरी 100 से 150 अधिक बढ़ गई है। ऊना जिले में ट्रैक्टर चालकों ने रूटाविटर के भाव 150 से 200 रुपये कर दिए हैं। मजदूरों ने भी दिहाड़ी 300 से बढ़ाकर 350 से 400 रुपये कर दी है। 
 
टैक्टर से खेती करने का प्रति घंटा किराया
क्षेत्र         किराया पहले                अब
पधर        700                         800 
सरकाघाट   800                        1000
नेरचौक     700                         800
मंडी          600                       700
नगवाईं     700                          800

पावर टिलर से खेती करने का प्रति घंटा किराया
पधर        300                        500 
सरकाघाट 400                          500
नेरचौक     400                         500
मंडी          300                         400
नगवाईं     300                          400

जिलों में ट्रैक्टर से गेहूं बिजाई के रेट
जिला    पहले के दाम    अब के दाम
चंबा    800-1000    1000    1200
कुल्लू    450-500    500-600
कांगड़ा    600        800 
बिलासपुर    700-800    900-1000
मंडी    600    700
हमीरपुर    900-1000    1200-1500

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