फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Track and tracing of liquor will start in Himachal from June, smuggling will be curbed

Himachal News: हिमाचल में जून से शुरू होगी शराब की ट्रैक एंड ट्रेसिंग, तस्करी पर लगेगी लगाम

Tue, 31 Jan 2023 01:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 31 Jan 2023 01:36 PM IST
सार

विश्व बैंक से पोषित इस योजना पर बीते करीब तीन वर्षों से ट्रायल चल रहा है। आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन के माध्यम से कंपनियों का चयन किया गया है। 

विज्ञापन
Track and tracing of liquor will start in Himachal from June, smuggling will be curbed
शराब(सांकेतिक) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में जून 2023 से शराब की ट्रैक एंड ट्रेसिंग शुरू होगी। यूरोप और कोरिया से आधुनिक उपकरणों की खरीद हो रही है। कर एवं आबकारी विभाग का सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्लीकेशन तैयार है। सूबे के शराब कारखानों से लेकर स्टोर, ठेकों तक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। बोतलों पर लगे बार कोड को स्कैन कर कोई भी शराब की गुणवत्ता को जांच सकेगा। इस व्यवस्था के लागू होते ही नकली शराब का धंधा बंद हो जाएगा। विश्व बैंक से पोषित इस योजना पर बीते करीब तीन वर्षों से ट्रायल चल रहा है। आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन के माध्यम से कंपनियों का चयन किया गया है। प्रदेश की सभी डिस्टिलरी, बॉटलिंग प्लांट, होलसेल और गोडाउन में ट्रैक एंड ट्रेसिंग के लिए उपकरण लगाए जा रहे हैं।

विज्ञापन


विभागीय अधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में स्थित सभी बॉटलिंग प्लांट व डिस्टिलरियों से बाहर आने वाली शराब की ऑनलाइन निगरानी के तंत्र के विकसित होने पर शराब तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने में आसानी होगी। बार कोड को स्कैन करने पर शराब को बनाने के वर्ष, बैच नंबर और कहां उसे बनाया गया है। इसकी जानकारी मिल जाएगी। कर एवं आबकारी विभाग सभी शराब कंपनियों, बॉटलिंग प्लांट, थोक विक्रेताओं के परिसरों में कैमरे भी लगा रहा है। कंप्यूटर सिस्टम भी लगाए जा रहे हैं। इस व्यवस्था के लागू होने पर शराब कारोबारी बिना बैच नंबर के शराब सप्लाई नहीं कर सकेंगे। हर बोतल का कंप्यूटर सिस्टम पर पंजीकरण होगा। मंडी जिले में जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत के बाद पूर्व सरकार ने शराब के ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम को लागू करने का फैसला लिया था। शराब बोतलों का ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम शुरू होने पर सरकार को मिलने वाले टैक्स की भी सही गणना हो सकेगी। इस प्रक्रिया से सरकार के राजस्व भी भी बढ़ोतरी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed