हिमाचल में 50 फीसदी युवा नशे के आदी, इन देशों से हो रही है सप्लाई
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पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने हिमाचल में बढ़ रहे ड्रग्स के कारोबार पर अपरोक्ष रूप से अपनी ही सरकार के नेताओं, अफसरों और पिछली सरकारों को कटघरे में खड़ा किया है। धर्मशाला में प्रेस वार्ता में मनकोटिया ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।
चिंता का विषय है कि कुछ प्रमुख पर्यटक स्थलों में ड्रग्स टूरिज्म भी बढ़ रहा है। मैकलोडगंज और कुल्लू-मनाली में यह तेजी से फलफूल रहा है। हिमाचल में ड्रग्स कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित किया जा रहा है। नशे की तस्करी अफगानिस्तान से कश्मीर और फिर मैकलोडगंज और कुल्लू-मनाली हो रही है।
आरोप लगाया कि प्रदेश में ड्रग्स कारोबार को सत्ता में बैठे बड़े राजनेताओं का संरक्षण है। एक अनुमान के अनुसार सूबे के 50 फीसदी युवा नशे के आदी बन चुके हैं। युवा पीढ़ी नशे में बर्बाद न हो, इसके लिए सरकार को ठोस योजना बनाने की जरूरत है। उन्होंने नेताओं से सवाल किया कि क्या वे सचमुच हिमाचल में बढ़ते नशे के कारोबार के प्रति चिंतित हैं?
कितने नेता नशे के कारोबार में शामिल
अगर चिंतित हैं तो क्या उनके पास इससे निपटने की ठोस योजना के साथ नैतिक इच्छाशक्ति है। सरकार से सवाल किया - क्या कभी चिह्नित किया गया कि कितने नेता नशे के कारोबार में शामिल हैं। वे कौन कौन हैं। कौन-कौन से अफसर नशे के कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं। नशे के खिलाफ कार्रवाई ढीली क्यों है
यहां तक कि कुछ नेता भी नशे के आदी हैं। पुलिस के ईमानदार अफसरों पर कार्रवाई न करने का दबाव डाला जा रहा है। आरोप लगाया कि नशे की खेप एक किलो से कम पकड़ी जाती है, ताकि आरोपी को जमानत मिल सके। मिलीभगत का अंदेशा स्वत: ही लगाया जा सकता है। उन्होंने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया कि नशे को समाप्त करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए।
मैकलोडगंज में बढ़ रहे कश्मीरी चिंता का विषय
मनकोटिया ने कहा कि मैकलोडगंज में 50 फीसदी से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान कश्मीरी युवक संचालित कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के पास आंकड़े नहीं हैं कि कश्मीरी युवक कहां से आ रहे हैं। उनकी आय का स्रोत क्या है।