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प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने का विधेयक तैयार
Fri, 12 Mar 2021 12:36 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 12 Mar 2021 12:36 PM IST
सार
- विधि और वित्त विभाग ने दी मंजूरी, कैबिनेट बैठक की स्वीकृति के लिए जाएगा प्रस्ताव
- बजट सत्र के दौरान ही विधानसभा में पेश होगा विधेयक, फिर बनेगा कानून
- उपायुक्तों की अध्यक्षता में तय होगी फीस, शिक्षा निदेशक की लेनी होगी मंजूरी
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हिमाचल प्रदेश सरकार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने का विधेयक तैयार हो गया है। विधि और वित्त विभाग ने विधेयक को मंजूरी दे दी है। आगामी कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी के लिए रखा जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ही विधेयक को पेश किया जाएगा। सदन की मंजूरी मिलने के बाद विधेयक कानून बन जाएगा। निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार अब नया कानून बना रही है।
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राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक एक्ट 1997 में संशोधन करने का फैसला सरकार ने बदल दिया है। नए कानून के तहत जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में बनाई जाने वाली कमेटी में निजी स्कूलों की फीस निर्धारित की जाएगी। कमेटी में निजी स्कूल प्रबंधन के अलावा पीटीए को शामिल किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी फीस को मंजूरी देगी। कमेटी में अतिरिक्त निदेशक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को शामिल किया जाएगा।
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जिला उपनिदेशकों की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी स्कूलों में फीस वसूली की व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेगी। निजी स्कूलों में दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर फीस तय की जाएगी। स्कूल प्रबंधन और पीटीए (पेरेंट्स-टीचर एसोसिएशन) से चर्चा की जाएगी। सभी के सुझाव लेने के बाद फीस को तय किया जाएगा। फीस तय करने में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि फीस अभिभावकों का शोषण करने वाली न हो। इसके अलावा फीस में हर साल होने वाली बढ़ोतरी के लिए भी प्रावधान किया जाएगा।
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