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रोहतांग दर्रे से वाहनों के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक, अधिसूचना जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
Updated Sun, 26 Nov 2017 12:22 PM IST
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रोहतांग दर्रे से वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। लाहौल-स्पीति प्रशासन के इस फरमान से सैकड़ों लोग दुविधा में फंस गए हैं।
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प्रशासन ने शनिवार को बाकायदा अधिसूचना जारी कर रोक को लागू कर दिया है। रोहतांग दर्रे से होकर अब एंबुलेंस और सरकारी सप्लाई वाले वाहनों को ही चलने की अनुमति दी जाएगी।
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उपायुक्त देवा सिंह नेगी ने अपनी विशिष्ट शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिसूचना जारी की है। प्रशासन का तर्क है कि रोहतांग दर्रा और कोकसर के बीच कई जगह सड़क पर बर्फ जम जाने से वाहनों का सफर जोखिम भरा हो गया है। ऐसे हालात में सफर करने की इजाजत देना मुनासिब नहीं है।
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बीआरओ ने पंद्रह नवंबर से मनाली लेह मार्ग को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है। हालांकि आपातकाल की स्थिति में जिला प्रशासन से विशेष अनुमति के बाद ही रोहतांग दर्रा पर करने की अनुमति दी जाएगी।
एसडीएम केलांग कुलवीर सिंह राणा ने बताया कि बीआरओ ने अब फिर से बर्फबारी होने की सूरत में रोहतांग दर्रा खोलने से साफ इंकार कर दिया है।
लिहाजा प्रशासन ने अब रोहतांग दर्रे से वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इधर, लाहौल-स्पीति के कई लोग अभी भी कुल्लू मनाली में फंसे हुए हैं। जिनमें कई सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं।
लोगों का कहना है कि अभी तक घाटी के कई लोग सर्दियों के भंडारण के लिए खाद्य सामग्री लाहौल नहीं पहुंचा पाए हैं। लोगों को कम से कम दो दिन का समय दिया जाना चाहिए। बीआरओ के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने कहा कि अब सर्दियों के बाद ही रोहतांग दर्रा बहाल किया जाएगा।
रोजाना फंस रहे थे यात्री
रोहतांग दर्रे में रोजाना वाहनों समेत यात्री फंस रहे थे। माइनस में तापमान के बीच रेस्क्यू दल अब तक सैकड़ों यात्रियों को सुरक्षित निकाल चुका है। अत्यधिक फिसलन में वाहनों को धक्का मारकर निकाला जा रहा था।