फिरौती मांगने की दोषी महिला समेत तीन लोगों को कारावास
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एक व्यापारी से 20 लाख की फिरौती मांगने, जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी देने के मामले में सीजेएम नाहन की अदालत ने तीन दोषियों को तीन-तीन साल कारावास की सजा सुनाई। सभी आरोपियों को 4500-4500 का जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत में सरकार से मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी रुमिंद्र बैंस ने की।
उन्होंने बताया कि अदालत ने जगतार सिंह पुत्र हरपाल सिंह निवासी पातलियों बातामंडी, तहसील पांवटा साहिब, शैला वर्मा पत्नी रमेश कुमार निवासी कसुम्पटी, शिमला और हरविंद्र सिंह पुत्र इंद्रजीत सिंह निवासी गुरुनानकपुरा तहसील जगाधरी यमुनानगर, हरियाणा को आईपीसी की धारा-384, 389 व 506 के तहत दोषी करार दिया है। मामला 2015 का मामला है। आरोपी महिला शैला ने ददाहू के व्यापारी से संपर्क साधकर पांवटा में अपना मकान बेचने की बात कही।
दोनों के बीच 9 लाख में सौदा तय हुआ। इसके बाद शैला ने दो अन्य आरोपियों के साथ मिलकर व्यापारी को बयाना देने के बहाने कालाअंब स्थित मारकंडा गेस्ट हाउस बुलाया। व्यापारी गेस्ट हाउस के कमरे में पहुंचा तो दो अन्य आरोपी भी आ गए। उन्होंने व्यापारी के जबरन कपड़े उतारकर उनकी फोटो खींची और मारपीट करने लगे। इसके बाद व्यापारी को कार में बैठाकर नाहन पहुंचे।
यहां से 13 किलोमीटर दूर जमटा के समीप व्यवसायी को कार से उतार दिया। उसे पिस्तौल दिखाकर धमकाया और 18 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। इसके बाद व्यापारी और उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 20 लाख फिरौती मांगी। व्यवसायी ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान को शिकायत पत्र सौंपा।
एएसपी सिरमौर ने योजना बनाकर आरोपियों को राशि देने के बहाने मारकंडा पुल पर बुलवाया। आरोपी शैला व जगतार को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। तीसरे आरोपी हरविंद्र सिंह ने बाद में थाने में सरेंडर किया। सहायक जिला न्यायवादी रुमिंद्र बैंस ने बताया कि मामले की तफ्तीश इंस्पेक्टर जयराम, मुख्य आरक्षी राजीव व मुख्य आरक्षी गुरुदयाल सिंह ने की। इसके बाद जांच टीम ने अदालत में चालान पेश किया।