तीन पूर्व मंत्रियों ने कब्जाई विधायकों-पूर्व विधायकों की जमीन
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पिछली सरकारों के तीन पूर्व मंत्रियों ने शिमला के मैहली में विधायकों-पूर्व विधायकों की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। बार-बार नोटिस देने पर भी पूर्व मंत्री कब्जे नहीं छोड़ रहे हैं। जवाब से असंतुष्ट विधायकों की सोसाइटी ने अब उन्हें जमीन छोड़ने का अंतिम नोटिस दिया है।
इसके बाद इन पर केस चलाने की तैयारी है। विधायकों और पूर्व विधायकों की हिम लेजिस्लेचर्स हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड ने राज्य सरकार से मैहली में लीज पर करीब आठ बीघा जमीन ली है। सोसाइटी के सदस्य विधायकों को रिहाइशी मकान बनाने के लिए चार-चार बिस्वा जमीन देने के नियम बनाए गए।
मगर यहां पर तीन पूर्व मंत्रियों पर नाजायज कब्जे करने के आरोप हैं। यहां पर 20 प्लॉट आवंटित किए गए। आरोप है कि 21वें प्लॉट पर बिना अलॉटमेंट के ही एक पूर्व मंत्री ने कब्जा कर लिया और यहां मकान बनाना शुरू कर दिया।
इनका देहांत हो चुका है। अब इनके परिवारवालों को सोसाइटी का नोटिस गया है। दो अन्य पूर्व मंत्रियों में से एक हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से तो दूसरे शिमला जिले से हैं।
आरोप है कि इन्होंने करीब सात-आठ बिस्वा जमीन पर मकान बना लिए हैं। इनमें से एक पूर्व मंत्री ने तो मकान किराये पर भी चढ़ा दिया है। यह भी सोसाइटी के नियमों के विरुद्ध है।
हमने दो पूर्व मंत्रियों और एक स्वर्गवासी पूर्व मंत्री के परिजनों को अंतिम नोटिस दिए हैं कि वे अवैध रूप से कब्जाई जमीनें खाली कर दें। अभी संतोषजनक जवाब नहीं आए हैं। सोसाइटी रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं के पास आर्बिटरेशन का केस चलाने की तैयारी में है। - पूर्व विधायक भगतराम चौहान, महासचिव, हिम लेजिस्लेचर्स हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड, शिमला।