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Shimla News: सर्कुलर रोड पर यातायात बंद होने से हजारों लोग परेशान
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गर्भवती महिलाओं को पैदल पहुंचना पड़ रहा है अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के सर्कुलर रोड पर लोग छह दिन से पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। हिमलैैंड के पास सड़क बंद होने से लोगों को अस्पताल और अपने कार्यालयों में पहुंचने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैैं।
हिमलैंड से पुराने बस अड्डे तक बसें न चलने से मरीजों को रिपन अस्पताल, आईजीएमसी और कमला नेहरू अस्पताल तक पैदल ही सफर करना पड़ रहा है। खासकर गर्भवती महिलाओं को केएनएच तक पहुंचने में दिक्कत हो रही हैै। सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास रविवार को भूस्खलन होने से बस सेवाएं बंद कर दी हैं। कनलोग, विकासनगर, पंथाघाटी, मल्याणा, कसुम्पटी, खलीनी, संजौली और छोटा शिमला से पुराना बस अड्डे तक जाने वाले लोगों को टॉलैंड तक ही बस सेवा मिल रही है।
टॉलैंड से रिपन अस्पताल जाने के लिए मरीजों को पैदल चलना पड़ रहा है। दूसरी ओर पुराना बस अड्डे से कमला नेहरू अस्पताल के लिए महिलाएं पैदल चलने को मजबूर हैं। आईजीएमसी जाने के लिए भी खलीनी, कनलोग, कल्याणा, विकासनगर और कसुम्पटी के लोगों को पैदल सफर करना पड़ रहा है।
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लोग बोले, पुराना बस अड्डे से हिमलैंड तक चलाएं शटर बसें
लालपानी स्कूल के जमा एक के छात्र आरव ने कहा कि स्कूल जाने के लिए खलीनी से पुराने बस अड्डे तक पैदल ही सफर करना पड़ रहा है। बस सेवा न मिलने से परेशानी हो रही है।
बारहवीं कक्षा के छात्र ईशु ने कहा कि कसुम्पटी से टॉलैंड तक ही बस सुविधा मिली। टॉलैंड से पुराने बस अड्डे तक पहुंचने में एक घंटे का समय लगा। ऐसे में घर से स्कूल जाने के लिए दो घंटे पहले ही निकलना पड़ रहा है। जमाल्टा ने कहा कि टॉलैंड से मैहली तक बसें चल रही हैं। पुराने बस अड्डे से टॉलैंड तक पैदल चलना पड़ रहा है। पुराने बस अड्डे से टिंबर हाउस तक शटल बस लगने से काफी राहत मिलेगी। राकेश ने कहा कि राजधानी में बस सेवा बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। न्यू शिमला से टॉलैंड तक ही बस सेवा मिल रही है। टॉलैंड से लिफ्ट तक जाने के लिए छह दिन से पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। गिरिजा ने कहा कि मैहली से टॉलैंड तक बस सुविधा मिलने के बाद पुराने बस अड्डे से पैदल जाना पड़ रहा है। बस सेवा न मिलने से बहुत परेशानी हो रही है। उपेंद्र ने कहा कि खलीनी से पुराने बस अड्डे तक जाने के लिए एक घंटे का समय लग जाता है। घर से जल्दी निकले पर भी कार्यक्षेत्र में देरी से पहुंच रहा हूं। विमला ने कहा कि रिपन अस्पताल में उपचार के लिए पैदल ही आवाजाही करनी पड़ी। टॉलैंड से ही बस सुविधा मिल रही है। ऐसे में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आशा शर्मा ने कहा कि पुराने बस अड्डे से हिमलैंड तक शटल बस सेवा शुरू की जाए।प्रियंका ने कहा कि मल्याणा से आईजीएमसी जाने के लिए डेढ़ से दो घंटे लग रहे हैंं। बस सुविधा मिलने पर यह सफर आधे घंटे में पूरा हो जाता है। बस न मिलने से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नीलम ने कहा कि आईजीएमसी में रूटीन जांच के लिए रोजाना जाना पड़ता है। कनलोग से टॉलैंड तक बस सेवा मिलती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के सर्कुलर रोड पर लोग छह दिन से पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। हिमलैैंड के पास सड़क बंद होने से लोगों को अस्पताल और अपने कार्यालयों में पहुंचने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैैं।
हिमलैंड से पुराने बस अड्डे तक बसें न चलने से मरीजों को रिपन अस्पताल, आईजीएमसी और कमला नेहरू अस्पताल तक पैदल ही सफर करना पड़ रहा है। खासकर गर्भवती महिलाओं को केएनएच तक पहुंचने में दिक्कत हो रही हैै। सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास रविवार को भूस्खलन होने से बस सेवाएं बंद कर दी हैं। कनलोग, विकासनगर, पंथाघाटी, मल्याणा, कसुम्पटी, खलीनी, संजौली और छोटा शिमला से पुराना बस अड्डे तक जाने वाले लोगों को टॉलैंड तक ही बस सेवा मिल रही है।
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टॉलैंड से रिपन अस्पताल जाने के लिए मरीजों को पैदल चलना पड़ रहा है। दूसरी ओर पुराना बस अड्डे से कमला नेहरू अस्पताल के लिए महिलाएं पैदल चलने को मजबूर हैं। आईजीएमसी जाने के लिए भी खलीनी, कनलोग, कल्याणा, विकासनगर और कसुम्पटी के लोगों को पैदल सफर करना पड़ रहा है।
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लोग बोले, पुराना बस अड्डे से हिमलैंड तक चलाएं शटर बसें
लालपानी स्कूल के जमा एक के छात्र आरव ने कहा कि स्कूल जाने के लिए खलीनी से पुराने बस अड्डे तक पैदल ही सफर करना पड़ रहा है। बस सेवा न मिलने से परेशानी हो रही है।
बारहवीं कक्षा के छात्र ईशु ने कहा कि कसुम्पटी से टॉलैंड तक ही बस सुविधा मिली। टॉलैंड से पुराने बस अड्डे तक पहुंचने में एक घंटे का समय लगा। ऐसे में घर से स्कूल जाने के लिए दो घंटे पहले ही निकलना पड़ रहा है। जमाल्टा ने कहा कि टॉलैंड से मैहली तक बसें चल रही हैं। पुराने बस अड्डे से टॉलैंड तक पैदल चलना पड़ रहा है। पुराने बस अड्डे से टिंबर हाउस तक शटल बस लगने से काफी राहत मिलेगी। राकेश ने कहा कि राजधानी में बस सेवा बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। न्यू शिमला से टॉलैंड तक ही बस सेवा मिल रही है। टॉलैंड से लिफ्ट तक जाने के लिए छह दिन से पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। गिरिजा ने कहा कि मैहली से टॉलैंड तक बस सुविधा मिलने के बाद पुराने बस अड्डे से पैदल जाना पड़ रहा है। बस सेवा न मिलने से बहुत परेशानी हो रही है। उपेंद्र ने कहा कि खलीनी से पुराने बस अड्डे तक जाने के लिए एक घंटे का समय लग जाता है। घर से जल्दी निकले पर भी कार्यक्षेत्र में देरी से पहुंच रहा हूं। विमला ने कहा कि रिपन अस्पताल में उपचार के लिए पैदल ही आवाजाही करनी पड़ी। टॉलैंड से ही बस सुविधा मिल रही है। ऐसे में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आशा शर्मा ने कहा कि पुराने बस अड्डे से हिमलैंड तक शटल बस सेवा शुरू की जाए।प्रियंका ने कहा कि मल्याणा से आईजीएमसी जाने के लिए डेढ़ से दो घंटे लग रहे हैंं। बस सुविधा मिलने पर यह सफर आधे घंटे में पूरा हो जाता है। बस न मिलने से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नीलम ने कहा कि आईजीएमसी में रूटीन जांच के लिए रोजाना जाना पड़ता है। कनलोग से टॉलैंड तक बस सेवा मिलती है।