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हिमाचल: राजभवन में अटके ये पांच विधेयक, संबंधित विभागों और उपक्रमों को मंजूरी का इंतजार
Tue, 26 Nov 2024 10:19 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 26 Nov 2024 10:19 AM IST
सार
राजभवन में राज्यपाल की मंजूरी के लिए गए विधेयक की मंजूरी का राज्य सरकार के संबंधित विभाग और उपक्रम इंतजार कर रहे हैं।
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हिमाचल राजभवन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पारित कुछ विधेयक राजभवन शिमला में अटक गए हैं। इनमें से एक विधेयक अयोग्य घोषित विधायकों की पेंशन बंद करने, दूसरा लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि बंद करने और तीसरा कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के नियमों में बदलाव से संबंधित है। दो अन्य विधेयक नगर नियोजन और आबकारी प्रावधानों में बदलावों से संबंधित हैं, जो राजभवन में राज्यपाल की मंजूरी के लिए गए हैं। इनकी मंजूरी का राज्य सरकार के संबंधित विभाग और उपक्रम इंतजार कर रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश में दल-बदल के तहत अयोग्य पूर्व विधायकों की पेंशन-भत्ते बंद करने का विधेयक अक्तूबर में राजभवन पहुंचा। इस विधेयक के तहत पेंशन अधिकार से वंचित होने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायकों से पिछली रकम की वसूली का भी प्रावधान है। वहीं, लोकतंत्र प्रहरी बिल राजभवन में लंबित पड़ा है। जयराम सरकार के समय लोकतंत्र प्रहरी सम्मान विधेयक- 2021 पारित किया गा था। इसके तहत आपातकाल के समय जेल में रहने वाले नेताओं की 20 हजार और 12 हजार रुपये प्रति माह सम्मान राशि देने का प्रावधान था।
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सरकार बदलने पर लोकतंत्र प्रहरी सम्मान निरसन विधेयक पारित करने का प्रस्ताव सदन में रखा गया। भाजपा के हंगामे के बीच यह पारित हुआ। इसके बाद यह विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा था। कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्त करने का विधेयक विधानसभा से पारित कर राजभवन भेजा गया है, मगर इस पर भी निर्णय नहीं हो पाया है। मानसून सत्र के दौरान सरकार ने संशोधन विधेयक पारित किया। इनके अलावा दो अन्य विधेयक नगर नियोजन और आबकारी के प्रावधानों में बदलाव से संबंधित हैं, जो राजभवन में लंबित हैं।
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