सीसीटीवी कैमरों से होगी सीमाओं की निगरानी
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पड़ोसी प्रदेश पंजाब के पठानकोट में आतंकी हमले के बाद हिमाचल ने अपनी सीमाओं की निगरानी को मजबूत करने की तैयारी शुरू की है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर से सटी सीमा चौकियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। पुलिस ने सभी जिला कप्तानों से सीसीटीवी लगाने के स्थानों और संख्या की जानकारी मांगी है। साथ ही जिन स्थानों पर पहले से सीसीटीवी लगे हैं, वहां भी हाई रिजोल्यूशन के कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।
पठानकोट में हुए हमले के बाद हिमाचल को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। यही कारण है कि पुलिस इंटर स्टेट बॉर्डर की सभी चेक पोस्ट और नाकों पर सीसीटीवी लगाने की तैयारी कर रही है। सभी जिलों से जानकारी मांगी जा रही है। आईजी क्राइम जहूर जैदी ने बताया कि सीसीटीवी लगे होने से दो तरह से मदद मिल सकती है। पहली, बॉर्डर चेक पोस्ट से गुजरने वाले हर वाहन की जानकारी उनके पास रहेगी। साथ ही चेक पोस्ट पर तैनात कर्मियों पर भी नजर रखने में आसानी रहेगी।
इसलिए पड़ी जरूरत- पठानकोट हमले के लिए आतंकियों ने जम्मू का रास्ता अपनाया था। जाहिर है कि सुरक्षा एजेंसियां अब जम्मू में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। ऐसे में जम्मू का रास्ता बंद होने से आतंकी कहीं हिमाचल की जमीन को इस्तेमाल न करें, इसलिए अब बॉर्डर पर वाहनों की जांच और निगरानी के लिए तंत्र को मजबूत किया जाए।
ये होगा फायदा
चेक पोस्ट को हाई रिजोल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरों से लैस करने से सीमा चौकियों से गुजरने वाले वाहनों पर नजर रखने में आसानी होगी। साथ ही अपने मातहतों पर भी नजर रखी जा सकेगी कि वह अपने काम को बखूबी कर रहे हैं या नहीं। इसके अलावा गुजरने वाले वाहनों का रिकॉर्ड भी बना रहेगा।
इन इलाकों पर खास नजर- पुलिस की नजर सबसे ज्यादा नालागढ़, कांगड़ा, बद्दी और ऊना पर रहेगी। नाहन और सोलन में भी सभी बॉर्डर चेक पोस्ट पर भी सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके बाद बजट के हिसाब से शहरों के प्रमुख स्थानों में कैमरे लगाए जाएंगे।
पुराने कैमरे भी बदले जाएंगे- आईजी ने बताया कि सलोन और नाहन की कुछ पुलिस चेक पोस्ट पर पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए थे, लेकिन उनकी विजिबिलिटी कम होने से वे खास काम के नहीं रहे। इसलिए संबंधित जिला कप्तानों से उन कैमरों की भी जानकारी मांगी जा रही है, जिन्हें बदलना जरूरी है।