Himachal: लोक संस्कृति के कायल हुए पीएम, बोले- हिमाचल की देवनीति में हमारी राजनीति के लिए भी बहुत बड़ी सीख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जहां कोरोड़ों के प्रोजेक्टों की सौगात दी, वहीं वह प्रदेश की लोक व देव संस्कृति के भी कायल हो गए।
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हिमाचल प्रदेश के एक दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जहां कोरोड़ों के प्रोजेक्टों की सौगात दी, वहीं वह प्रदेश की लोक व देव संस्कृति के भी कायल हो गए। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में शामिल होने के बाद एक के बाद एक सात ट्वीट किए और देवी-देवताओं के महाकुंभ के फोटो भी शेयर किए। पीएम ने कहा, हिमाचल, उत्सवों, पर्वों, त्योहारों का प्रदेश है। इन उत्सवों की एक और विशेषता है कि ये देव और लोक का अद्भुत संगम होते हैं। इनमें आस्था भी होती है और गीत-संगीत-नृत्य-व्यापार जैसे लोकजीवन के पहलू भी रहते हैं। समय के साथ कुल्लू सहित पूरा हिमाचल प्रदेश बदला है, लेकिन मुझे संतोष है कि यहां के लोगों ने अपनी संस्कृति को और अधिक सशक्त किया है। हमारी असली विरासत हमारी संस्कृति और लोकजीवन है, जो हजारों वर्षों से हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करते आ रहे हैं। हम दुनिया में कहीं भी रहें, इसकी पहचान हमें हमारी ये विरासत ही कराती है।
पीएम ने आगे कहा कि राष्ट्रीय एकता हो या फिर नागरिक कर्तव्य बोध, इसमें भी हमारी ये सांस्कृतिक विरासत कड़ी का काम करती है। यही वो मजबूत कड़ी है, जो देश को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को भी भारत से जोड़ती है। आज दुनिया में जिस प्रकार से भारत के समाज जीवन को जानने-समझने की ललक दिख रही है, उससे हमारे टूरिज्म को, हैरिटेज टूरिज्म के रूप में बहुत विस्तार मिल सकता है। बीते सालों में कुल्लू दशहरे का बहुत विस्तार हुआ है, लेकिन अभी भी इसमें बहुत संभावनाएं हैं। सुविधाओं का कैसे अधिक से अधिक विस्तार हो सके, इस पर निरंतर काम करते रहना है। हिमाचल की देवनीति में हमारी राजनीति के लिए भी बहुत बड़ी सीख है। देवनीति में कैसे सबके प्रयास से, सबको जोड़ते हुए, गांव-समाज की बेहतरी के लिए काम किया जाता है वो विकसित भारत के निर्माण के लिए भी बड़ी प्रेरणा है।