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Himachal: मंत्रियों और विधायकों से चर्चा के बाद होगा नई पंचायतों के गठन का फैसला

Fri, 28 Feb 2025 01:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 28 Feb 2025 01:56 PM IST
सार

एक पंचायत बनाने पर आठ करोड़ रुपये तक का खर्च आता है। पंचायत घर बनाने, भूमि चयन करने और फर्नीचर आदि पर यह खर्च होता है।

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The decision to form new panchayats will be taken after discussions with ministers and MLAs
ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

 ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल में नई पंचायतों के गठन का फैसला मंत्रियों और विधायकों से चर्चा के बाद होगा। अभी तक नई पंचायतें बनाने के लिए करीब 700 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। एक पंचायत बनाने पर आठ करोड़ रुपये तक का खर्च आता है। पंचायत घर बनाने, भूमि चयन करने और फर्नीचर आदि पर यह खर्च होता है।  राज्य सचिवालय में पत्रकार वार्ता करते हुए मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश में अप्रैल से बीपीएल सर्वे शुरू किया जाएगा। बीडीओ और एसडीएम पात्र परिवारों का चयन करेंगे। पंचायतों के माध्यम से बीपीएल चयन की सूची भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत प्रधान इस बाबत अंतिम फैसला नहीं लेंगे। कई मामलों में देखा गया है कि पंचायत प्रधान वोटों की राजनीति के चलते अपात्र लोगों का चयन करते हैं। इस व्यवस्था को ठीक करने के लिए सरकार ने दोबारा से बीपीएल चयन करने का फैसला लेना पड़ा है।

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस मामले को लेकर गंभीर हैं। मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि कई बार देखा गया है कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंचायत प्रधान अपने चहेतों का नाम सूची में सबसे ऊपर लिखकर भेजते हैं। इससे पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। सरकार ही तय करेगी कि कौन सा बजट किस योजना के लिए शिफ्ट करना है। इसके लिए नेता विपक्ष जयराम ठाकुर को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस अवसर पर कांग्रेस विधायक और पार्टी के पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि भाजपा में अस्तित्व की लड़ाई चल रही है। इसके चलते ही नेता विपक्ष जयराम ठाकुर तथ्यहीन आरोप सरकार पर लगा रहे हैं। विधानसभा का बजट सत्र नजदीक आते ही जयराम ठाकुर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने पर आ गए हैं।

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नशा एक बीमारी बना, इससे सभी को एक साथ लड़ने की जरूरत
मंत्री अनिरुद्ध ने कहा कि नशा एक बीमारी बन गई है। इससे सभी को एक साथ लड़ने की जरूरत है। युवाओं को इससे बाहर निकालना सभी की जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर का यह आरोप कि चहेते एनजीओ को प्रदेश सरकार ने 97 लाख रुपये दे दिए हैं, बेबुनियाद है। भारत सरकार की ओर से यह पैसा दिया गया है। नशा निवारण केंद्र खोलने के लिए एक एनजीओ को पैसा दिया गया है। केंद्र की कमेटी की ओर से इस एनजीओ का चयन किया गया। 87.28 लाख रुपये का प्रोजेक्ट भारत सरकार से इस एनजीओ को मिला है। अगर यह बजट रद्द करवाना है तो नेता विपक्ष को केंद्र से मामला उठाना चाहिए।

पार्टी का जो भी निर्देश होगा, उस पर किया जाएगा अमल
प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष उन्हें बनाने के सवाल पर अनिरुद्ध ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें जिला परिषद शिमला का अध्यक्ष बनाया। पार्टी का टिकट देकर कसुम्पटी से चुनाव लड़ाया। अब कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया है। आगे भी संगठन जो जिम्मेवारी देगा, उसका निर्वहन किया जाएगा। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल शुक्रवार को शिमला आएंगी। उनके दो दिवसीय दौरे के दौरान कार्यकारिणी के गठन पर चर्चा होगी।

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