Himachal: तपोवन में देश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनेगा, मेडिकल कॉलेजों में नई भर्तियां जल्द
धर्मशाला के समीप दाड़ी मेला मैदान में जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेजों में नई भर्तियां की जा रही हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के तपोवन में अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। इसके निर्माण पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें बड़े सेमीनार आयोजित किए जाएंगे। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। धर्मशाला के समीप दाड़ी मेला मैदान में जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेजों में नई भर्तियां की जा रही हैं।
आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में पैट स्कैन मशीनें उपलब्ध करवाई जाएंगी। पूर्व भाजपा सरकार में पुरानी मशीनों की मरम्मत करवाने पर जितना पैसा खर्च हुआ, उतने में तो नई मशीनें आ जाती। देश के स्वास्थ्य मंत्री हिमाचल से हैं लेकिन सरकारी अस्पतालों में मेडिकल तकनीक आज भी 35 वर्ष पुरानी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल तक सूबे में करीब 10 प्री-प्राइमरी से आठवीं तक डे-बोर्डिंग स्कूल काम करना शुरू कर देंगे। उन्होंने कांगड़ा के ढगवार में 225 करोड़ से बनने वाले 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र की आधारशिला भी रखी।
कहा, ओपीएस बहाल करने पर केंद्र ने लगाई बंदिशें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ओपीएस बहाल कर चुनावी वायदा पूरा किया है। मैं एक कर्मचारी का बेटा हूं और आम परिवार से उठा हूं। जब तक कांग्रेस सरकार राज्य में सत्तासीन है, तब तक कर्मचारियों को ओपीएस जारी रहेगी। केंद्र ने राज्य की ऋण सीमा में 1600 करोड़ की कटौती की है और ओपीएस बहाल करने के सरकार के निर्णय को देखते हुए अतिरिक्त बंदिशें लगाई हैं। एनपीएस के तहत करीब 9,000 करोड़ रुपये अभी भी केंद्र सरकार के पास फंसे हैं और अब यूपीएस लागू करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
मेरिट से छेड़छाड़ पर सख्त कार्रवाई
राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। कांग्रेस सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है। वर्तमान में वन मित्र समेत अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पात्र उम्मीदवारों के चयन के दौरान मेरिट से छेड़छाड़ करने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रदेश सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।