हिमाचल में सामुदायिक भवन 30 बिस्तरों का होना अनिवार्य
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हिमाचल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 30 बिस्तरों का होता है। स्वास्थ्य संस्थान के लिए पदों के सृजन के लिए लाभान्वित जनसंख्या के आधार पर निर्धारित एवं वर्तमान में प्रचलित मानकों के अनुसार पदों को सृजित किया जाता है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी ज्वाली के विधायक अर्जुन सिंह की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि जहां लाभान्वित जनसंख्या 80 हजार तक होती है, वहां 9 पद स्वीकृत हैं।
इसमें 2 चिकित्सा अधिकारी, एक स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन-1, फार्मासिस्ट-1, क्लर्क-1, चालक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी-1, सफाई कर्मचारी-1 शामिल है। इसी तरह जहां लाभान्वित जनसंख्या 80 हजार से ज्यादा है, वहां 25 पद स्वीकृत हैं। इसमें डाक्टरों के 4, वार्ड सिस्टर -1, स्टाफ नर्सें -4, सीनियर लैब टेक्नीशियन -1, रेेडियोग्राफर 1, ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट 1, औपथल्मिक ऑफिसर 1, कुक -1, क्लर्क 1, चालक-1, सफाई कर्मचारी-3, माली-1 और चौकीदार का 1 पद सृजित है।
प्रदेश में हैं 1.8 लाख पूर्व सैनिक, 1652 ने देश की रक्षा में दी शहादत
प्रदेश में कुल 1 लाख 18 हजार 642 पूर्व सैनिक हैं और प्रदेश के कुल 1652 सैनिक देश की रक्षा करते हुए शहीद हो चुके हैं। सैनिक कल्याण मंत्री ने यह जानकारी विधायक अरुण कुमार और बलबीर सिंह के सवाल के लिखित जवाब में दी है। मंत्री ने बताया कि सरकार पूर्व सैनिकों को विभिन्न श्रेणी के पदों को भरने के दौरान प्राथमिकता देती है। इस काम को करने के लिए निदेशक सैनिक कल्याण के नियंत्रण में एक विशेष रोजगार कक्ष बनाया गया है।
जहां पूर्व सैनिक खुद को पंजीकृत कराते हैं और उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलाव पूर्व सैनिकों के बच्चों और आश्रितों को भी नौकरियों में आरक्षण का लाभ दिया जाता है। वहीं, शहीदों को लेकर भी एक से बीस लाख रुपये तक की अनुग्रह राशि और इसके अलावा झंडा दिवस निधि व विशेष निधि से दी जाने वाली राशियां भी रखी गई हैं। उनके बच्चों को छात्रवृत्ति भी दी जाती है। साथ ही शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान उन्हें आरक्षण दिया जाता है।
दो साल में पकड़े अवैध खनन के 1242 मामले
पिछले दो साल में उद्योग विभाग ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध खनन और अवैध ढुलान के कुल 1242 मामले पकड़े हैं। यह जानकारी उद्योग मंत्री ने विधायक रामलाल ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में दी है। उद्योग मंत्री ने बताया कि इस दौरान 14 हजार 116 मामले कंपाउंड किए गए हैं और संलिप्त दोषियों से करीब 4.42 करोड़ बतौर जुर्माना राशि वसूली गई है। मंत्री ने बताया कि प्रदेश के कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, सोलन, चंबा, शिमला, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल स्पीति की सीमाएं पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा एवं जम्मू कश्मीर से लगती हैं।
इनमें कांगड़ा, सिरमौर, ऊना और सोलन के सीमावर्ती क्षेत्रों की सीमाएं ऐसे नदी नालों से होकर गुजरती हैं जिनमें खनिज खुले रूप में पड़ा हुआ है। भौगोलिक परिस्थिति की वजह से आसपास के लोग रास्ते बना लेते हैं। चूंकि नदी नाले भी अपना कोर्स बदल लेते हैं जिससे सीमाओं का उचित निर्धारण करने में क्षेत्रीय कर्मियों को दिक्कत आती है, ऐसे में अवैध खनन की घटनाएं सामने आ जाती हैं। इनमें रात में अवैध खनन रोकने के लिए खनिजों की ढुलाई पर रात आठ से सुबह छह बजे तक प्रतिबंध से लेकर अवैध खनन के लिए उपयोग में लाए जाने वाले रास्तों को बंद करने व तोड़ने का काम किया गया है।