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हिमाचल: बिजली हानि दूर करने, स्मार्ट मीटर लगाने के लिए 3701 करोड़ रुपये के टेंडर किए रद्द

Tue, 14 Mar 2023 06:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 14 Mar 2023 06:50 PM IST
सार

 बिजली हानि दूर करने और स्मार्ट मीटर लगाने को हुए 3,701 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द कर दिए गए हैं। गैर उत्तरदायी बोलीदाताओं और डीपीआर लागत से निविदा की लागत अधिक होने पर प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। 

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Tenders worth Rs 3701 crore canceled to remove power loss, install smart meters
बिजली - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में बिजली हानि दूर करने और स्मार्ट मीटर लगाने को हुए 3,701 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द कर दिए गए हैं। गैर उत्तरदायी बोलीदाताओं और डीपीआर लागत से निविदा की लागत अधिक होने पर प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। मंगलवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा विधायक और पूर्व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के सवाल का लिखित में यह जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य बिजली बोर्ड के तीनों ऑपरेशन जोन में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए 18 अगस्त 2022 को तीन निविदाएं बुलाई गई थीं। कोई भी बोलीदाता इसमें उत्तरदायी नहीं पाया गया।

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सात अक्तूबर 2022 को तीनों निविदाएं रद्द कर दी गईं। इसके बाद दोबारा निविदाएं आमंत्रित की गईं। ज्यादातर बोलीदाताओं को गैर उत्तरदायी पाए जाने पर तीनों निविदाएं 17 फरवरी 2023 को रद्द कर दी गईं। बिजली हानि दूर करने के लिए 16 निविदाएं ऑनलाइन आमंत्रित की जानी थीं। 14 निविदाएं ऑनलाइन आमंत्रित की गईं, दो पर निविदा की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं की गई थी। तकनीकी, वाणिज्यिक संबंधित त्रुटियों, निविदा की लागत डीपीआर लागत से अधिक होने पर इन्हें रद्द किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्युत मंत्रालय ने आरडीएसएस योजना के तहत राज्य बिजली बोर्ड को बिजली हानि दूर करने और स्मार्ट मीटर के कार्यों के लिए 3701.57 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
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हिमाचल में सभी राज्य मार्गों को किया गया है डिनोटिफाई
वर्तमान में प्रदेश में कोई राज्य मार्ग नहीं है। वर्ष 2017 में सरकार की ओर से सभी राज्य मार्गों को डिनोटिफाई कर मुख्य जिला मार्गों की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया था। प्रदेश में मुख्य जिला मार्गों और ग्रामीण मार्गों पर कुल 2,419 पुल स्थापित किए गए हैं। इस वित्तीय वर्ष में विभाग की ओर से 148 पुलों के रखरखाव के लिए 947.08 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी भाजपा विधायक जनक राज की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।औट-जलोड़ी पास का कार्य 164 ठेकेदारों को आवंटित शिमला। तीन वर्षों में 31 जनवरी, 2023 तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग 305 पर औट से लेकर जलोड़ी पास तक कुल 164 कार्य विभिन्न ठेकेदारों को आवंटित किए गए हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकरी विधायक सुरेंद्र शौरी की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

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