धर्मशाला में छह-छह घंटे अभ्यास करते थे तेजिंद्र पाल तूर, बनाया रिकॉर्ड
एशियन गेम्स से पहले भारतीय एथलीट तेजिंद्र पाल तूर का धर्मशाला में बहाया पसीना न केवल उनके लिए काम आया है, बल्कि धर्मशाला में उनकी मेहनत ने पूरे देश का नाम रोशन किया है। जकार्ता में 18वें एशियन गेम्स में गोला फेंक प्रतिस्पर्धा में तूर ने नया रिकॉर्ड बनाया है।
इससे पूर्व मई में धर्मशाला आए तूर ने जून और जुलाई में धर्मशाला में जमकर अभ्यास किया। केंद्र सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना के तहत पंजाब के मोगा के रहने वाले तेजिंद्र अपने कोच एमएस ढिल्लन के साथ धर्मशाला आए थे।
यहां सिद्धबाड़ी में निजी होटल में रहकर उन्होंने सिंथेटिक ट्रैक धर्मशाला में अभ्यास किया। इसके लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के धर्मशाला स्थित छात्रावास के माध्यम से उन्हें सहयोग दिया गया।
उधर, साई छात्रावास धर्मशाला के प्रभारी केएस पटियाल ने बताया कि एथलीट तेजिंद्र तूर धर्मशाला में दिन में छह-छह घंटे अभ्यास करते थे। उन्हें किसी भी उपकरण की आवश्यकता पड़ती तो वे उपलब्ध करवाते थे।
जकार्ता एशियन गेम्स में तेजिंद्र ने 20.75 मीटर गोला फेंककर नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पूर्व 20.24 मीटर का रिकॉर्ड था। इससे पूर्व 2017 में एसियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में तूर ने रजत पदक हासिल किया था।
पिता को कैंसर के कारण नहीं गए विदेश
टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना के तहत एशियन गेम्स की तैयारियों के लिए तेजिंद्र को चुना गया था। तेजिंद्र के पिता को करीब तीन साल पहले कैंसर हो गया।
ऐसे में वे एशियन गेम्स की तैयारियों के लिए पिता को छोड़कर विदेश नहीं जाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने धर्मशाला में ही अभ्यास करने का निर्णय लिया था। -खेलकूद की दृष्टि से हाई एप्टीट्यूट ट्रेनिंग के लिए धर्मशाला हब बन रहा है।
धर्मशाला में खिलाड़ियों को हाई एप्टीट्यूट ट्रेनिंग के लिए विशेष अभ्यास करवाया जा रहा है। इस कड़ी में भारतीय क्रिकेट टीम, अंतरराष्ट्रीय एथलीट ओपी जेयसा सहित अन्य खिलाड़ी यहां आकर अभ्यास कर चुके हैं।