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टेक्नोमैक घोटाला: कंपनी के एमडी की नई संपत्तियों को अटैच करने की तैयारी
Thu, 07 Nov 2019 11:42 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 07 Nov 2019 11:42 AM IST
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फाइल फोटो
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बहुचर्चित 4300 करोड़ से ज्यादा के टेक्नोमैक घोटाले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पांवटा वाली फैक्ट्री के बाद अब कंपनी के एमडी राकेश शर्मा की अन्य संपत्तियों को अटैच करने की तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि मनी लांड्रिंग के जरिये बैंकों से लोन की रकम को इन्हीं उद्योगों को स्थापित करने में खपाया गया है।
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सीआईडी पहले ही इन उद्योगों तक पहुंच चुकी है और ओडिसा सरकार से संपर्क कर खनिज विभाग से कंपनी को सप्लाई किए कच्चे माल का पूरा ब्योरा मांगा है। एसआईटी को ऐसी फर्मों के बारे में पता चला है, जिनसे टेक्नोमैक कच्चे माल की सप्लाई लेती थी। इन कंपनियों के सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों को भी जांच टीम खंगाल रही है।
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सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान इस बात की भी पुष्टि हुई है कि टेक्नोमैक की दो इकाइयां ओडिसा में भी थीं। हालांकि, वर्तमान में दोनों ही इकाइयां बंद हैं लेकिन सीआईडी अब उनका ब्योरा और उनके निदेशकों को भी जांच में शामिल कर रही है। जांच अधिकारी इस बात की पुष्टि करना चाह रहे हैं कि जितना माल ओडिसा से हिमाचल स्थित कंपनी को भेजने के दस्तावेज हैं, उतना माल भेजा गया था या नहीं।
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अगर भेजा गया है तो उतना ही माल हिमाचल के कराधान अधिकारियों द्वारा पास किया गया है या नहीं। इसी जानकारी के सामने आने के बाद बाद अब ईडी ने सीआईडी से इन संपत्तियों को लेकर संपर्क साधा है।
एसपी साइबर क्राइम संदीप धवल की अध्यक्षता वाली एसआईटी अब तक करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी कर चुकी है जबकि कई अंतरिम जमानत पर हैं। जांच टीम मामले में पहले ही मुख्य आरोपी राकेश शर्मा को फरार घोषित कराने के बाद इंटरपोल की मदद से उसकी तलाश में जुटी हुई है। इंटरपोल के भगोड़ा घोषित करने के बाद शर्मा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।