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सीबीआई: 1528 करोड़ की धोखाधड़ी में टेक्नोमैक कंपनी, सीएमडी पर केस दर्ज

Wed, 15 Sep 2021 10:58 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/शिमला/नाहन
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/शिमला/नाहन Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 15 Sep 2021 10:58 PM IST
सार

सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया कि आरोपियों ने बैंक से कथित धोखाधड़ी के मकसद से साजिश रची और ऋण खाते से रकम अन्य खातों में हस्तांतरित की। इससे बैंकों के संघ को 1528.05 करोड़ का नुकसान हुआ।

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technomac scam CBI raid in kangra and paonta sahib himachal pradesh
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीबीआई ने 16 बैंकों के एक संघ से 1528 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी में इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड, इसके प्रमोटर और सीएमडी राकेश कुमार शर्मा तथा अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एजेंसी ने आरोपियों के कांगड़ा और पांवटा साहिब स्थित विभिन्न परिसरों पर छापा मारा। कंपनी की हिमाचल प्रदेश में यूनिट है और लौह व अलौह धातुओं के निर्माण से जुड़ी हुई है।

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कंपनी ने 2008-13 के दौरान बैंकों के संघ से क्रेडिट सुविधा हासिल की लेकिन भुगतान न करने पर खाता एनपीए घोषित कर दिया। सीबीआई ने शर्मा, कंपनी और अन्य निदेशक व गारंटर विनय कुमार शर्मा, कोलकाता के दो कॉरपोरेट गारंटरों, गुरुपथ मर्चेंडाइज लिमिटेड और थंडर ट्रेडर्स लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया। 16 बैंकों के संघ में बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कॉरपोरेशन बैंक, एचडीएफसी बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, सारस्वत को-ऑपरेटिव बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और डीबीएस शामिल हैं।
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सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया कि आरोपियों ने बैंक से कथित धोखाधड़ी के मकसद से साजिश रची और ऋण खाते से रकम अन्य खातों में हस्तांतरित की। इससे बैंकों के संघ को 1528.05 करोड़ का नुकसान हुआ। आईआरएसी दिशानिर्देशों के तहत 31 मार्च 2014 को बैंक ऑफ इंडिया के खातों में इसे एनपीए घोषित कर दिया। आरबीआई की सलाह पर बैंक ऑफ इंडिया ने मई 2015 में खाते को एनपीए से हटाया और फरवरी 2016 में इसे धोखाधड़ी घोषित किया।

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