मानव भारती विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री से इंडस विवि में पढ़ाता रहा शिक्षक, एफआईआर के आदेश
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हिमाचल के कुछ निजी विश्वविद्यालयों में चल रहे फर्जी डिग्रियों के खेल में बड़ा खुलासा हुआ है। सोलन स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री से ऊना स्थित इंडस विवि में एक शिक्षक करीब दो साल तक पढ़ाता रहा। मामले का खुलासा होने पर निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने विस्तृत जांच के बाद इंडस विवि को एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं। उधर, प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षकों की नियुक्ति से पहले उनकी डिग्री की वेरिफिकेशन करवाने के निर्देश भी दिए हैं। आयोग के सदस्य डॉ. एसपी कत्याल ने बताया कि डिग्रियों को बेचने वाले शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग को बीते माह इंडस विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री के माध्यम से एक शिक्षक के नियुक्त होने की शिकायत मिली थी। आयोग ने मामले की जांच करते हुए डिग्री जांच के लिए मानव भारती विवि भेजी। मानव भारती विवि ने जवाब में कहा कि यह डिग्री हमने नहीं दी है। आयोग ने फर्जी डिग्री कहां से आई है, इसकी जांच करवाने के लिए भी विवि को कहा, लेकिन विवि से कोई जवाब नहीं दिया गया। मामले की विस्तृत जांच के बाद आयोग ने इंडस विवि में नियुक्त शिक्षक की डिग्री को फर्जी पाया। बीते दिनों ही आयोग ने इंडस विवि को एफआईआर दर्ज करवाने को कहा है। उधर, इंडस विवि पर लॉकडाउन के दौरान विद्यार्थियों से ट्रांसपोर्ट और हॉस्टल फीस लेने का आरोप भी लगा है। आयोग इस मामले की भी जांच कर रहा है। आयोग सदस्य डॉ. एसपी कत्याल ने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विवि में कुछ ऐसे शिक्षक भी मिले हैं, जो पढ़ाने के साथ स्वयं भी अभी उसी विवि में पढ़ रहे हैं।