तत्तापानी में लुप्त नहीं होंगे गर्म पानी के चश्में
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आस्था का केंद्र रहे तत्तापानी के प्राकृतिक गर्म पानी के चश्मे कोल डैम बनने के बावजूद लुप्त नहीं होंगे। बेशक, कोल डैम बनने से चश्मे बांध में समा जाएंगे, लेकिन काफी चश्मों को दोबारा स्थापित किया जाएगा।
सोमवार को शिमला में पर्यटन विभाग की बीओडी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अधिकारियों को गर्म पानी के चश्मों को दोबारा स्थापित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल डैम प्रशासन के पास दो बीघा जमीन है। पर्यटन विकास के इंजीनियर सलापड़ में कोल डैम प्रशासन से मिले हैं और भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति की प्रतीक्षा है। निगम के प्रबंध निदेशक ने अवगत करवाया कि इस पर लिए गए निर्णय को निदेशक मंडल की अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में मुख्य संसदीय सचिव (पर्यटन) मनसा राम, हरिश जनारथा, मुख्य सचिव पी. मित्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वीसी फारका, प्रधान सचिव (वित्त) डॉ. श्रीकांत बाल्दी, पर्यटन के प्रबंध निदेशक मोहन चौहान, निदेशक मंडल के अन्य सदस्य सर्व सुरेंद्र सेठी, वीरेंद्र धर्माणी, रूपेश कनवल, विजय इंद्र कर्ण और अमरजीत सिंह भी बैठक में उपस्थित रहे।
अतिथि सत्कार स्टाफ का होगा प्रमोशन
बैठक में सदस्यों के सुझावों पर निर्णय लिया गया कि राज्य की विभिन्न पर्यटन इकाईयों की दरों का निर्धारण लोकेशन के अनुरूप क्षेत्र विशेष के आधार पर किया जाना चाहिए।
निदेशक मंडल के सदस्यों ने कहा कि विभिन्न पर्यटन कैफे और होटलों की दरें शिमला के बराबर हैं। बिक्री में बढ़ोतरी के लिए क्षेत्र विशेष आधार पर दरों का निर्धारण होना चाहिए। वीरभद्र सिंह ने परामर्श दिया कि निगम को होटल आधारित स्टीकर तैयार करने चाहिए ताकि इन्हें पर्यटकों के वाहनों में लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अतिथि सत्कार स्टाफ के प्रमोशन पर बल देते हुए एम महीने के भीतर प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने नीति के अभाव में इस कैडर के कर्मियों की दक्षता के आकलन के लिए ‘ट्रेड परीक्षा’ का सुझाव भी दिया। यह भी कहा कि पर्यटन विकास निगम की बसों को अपनाने का मामला राज्य परिवहन अधिकारियों से उठाया जा सकता है।