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धर्मशाला: तपोवन विधान भवन बनेगा विधायकों का प्रशिक्षण केंद्र

Wed, 10 Nov 2021 08:57 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 10 Nov 2021 08:57 PM IST
सार

धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा भवन को प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों की विधानसभा और विधान परिषदों के सदस्यों को सांविधानिक कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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tapovan vidhan bhawan prashikshan kendra for MLA's in Himachal Pradesh
धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा भवन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा भवन को विधायकों के लिए प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। तपोवन विधान भवन को ई-विधान अकादमी के रूप में स्थापित करेंगे। इसका प्रस्ताव लोकसभा सचिवालय को भेजा है। ई-विधान अकादमी स्थापित करने की मांग को दोबारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के सामने रखा जाएगा। यह जानकारी प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने बुधवार को प्रदेश विधानसभा परिसर में पत्रकार वार्ता में दी। परमार ने कहा कि शिमला में 16 से 19 नवंबर तक पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन होगा। पीएम नरेंद्र मोदी सम्मेलन को 17 नवंबर को वर्चुअली संबोधित करेंगे।

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हिमाचल विधानसभा के काउंसिल चैंबर में ब्रिटिश हुकूमत के वक्त 14 से 16 सितंबर, 1921 में पहली बार अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन शिमला में प्रथम निर्वाचित पीठासीन अधिकारी विट्ठलभाई पटेल की अध्यक्षता में हुआ। वर्ष 1921 के बाद 1926, 1933, 1939, 1976 और 1997 में शिमला में पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन हुए। 2021 में यहां पीठासीन अधिकारियों का सातवां सम्मेलन हो रहा है। 
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विधान भवन को प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों की विधानसभा और विधान परिषदों के सदस्यों को सांविधानिक कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 100 साल पहले सितंबर 1921 में जो शिमला स्थित काउंसिल चैंबर था, वह अब वर्तमान में विधानसभा है, उसमें पहला अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन हुआ। उसके बाद शिमला में 82वां सम्मेलन हो रहा है।
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36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पीठासीन अधिकारी आएंगे 
परमार ने कहा कि पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं व विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रधान सचिव और सचिव भाग लेंगे। इन राज्यों की विधानसभाओं के तीन प्रतिनिधियों के साथ सरकार का एक वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मेलन में भाग लेगा। लोकसभा और राज्यसभा के महासचिव, संसद टीवी के 20 प्रतिनिधियों सहित 90 लोग कुल मिलाकर 378 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें भाग लेने के लिए प्रदेश विधानसभा के सदस्यों, लोकसभा, राज्यसभा सांसदों को भी आमंत्रित किया है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी सम्मेलन में शिरकत करेंगे।


पीठासीन अधिकारियों को पत्नियों के साथ आने का निमंत्रण दिया
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सम्मेलन में शामिल होने के लिए सभी राज्यों के पीठासीन और उप पीठासीन अधिकारियों को पत्नियों के साथ शिमला आने का निमंत्रण दिया गया है। इससे प्रदेश की पहचान देश के सभी राज्यों तक पहुंचेगी। शिमला की मशहूर सैरगाहों कुफरी, चायल, नालदेहरा, नारकंडा, तत्तापानी सहित कई दूसरे रमणीक स्थानों में उन्हें घुमाया जाएगा।

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