शौचालय हैं नहीं, साफ करने को थमा दिए ब्रश और क्लीनर
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स्वच्छ ग्रामीण सर्वेक्षण-2019 के लिए केंद्र सरकार करोड़ों खर्च कर रही है। सर्वेक्षण पहली से 30 सितंबर तक होना प्रस्तावित है। इससे पहले सभी आंगनबाड़ी केंद्र के शौचालयों को साफ करने के लिए 14 चीजों की कीट वितरित की जा रही है। इससे आंगनबाड़ी केंद्र और शौचालय को साफ-सुथरा किया जा सकेगा, लेकिन हिमाचल में लगभग 656 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालयों की सुविधा ही नहीं है। वर्तमान में सूबे में 18,925 आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 16, 873 आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं।
किराये के कमरे में चल रहे अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालय अटैच हैं। जिन प्राइमरी स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं, वहां भी अलग से आंगनबाड़ी केंद्र के लिए शौचालय तक की सुविधा नहीं है। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों को वितरित हार्पिक क्लीनर, ब्रश, फिनायल, झाडू़, कूड़ादान, हाथ धोने की किट, ग्लव्स सहित 14 चीजें वितरित की गई हैं। इसमें शौचालय साफ करने की ज्यादा वस्तुएं हैं, लेकिन अटैच शौचालय में इन चीजों को इस्तेमाल होने से कोई लाभ नहीं होगा।
स्वच्छ ग्रामीण सर्वेक्षण-2019 के तहत हर जिले में सितंबर में केंद्र सरकार की टीमें निरीक्षण करने आएंगी। इस बारे में स्थानीय प्रशासन को कोई जानकारी नहीं होगी। पुरस्कार पाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को सफाई किटें वितरित की गई हैं।
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए शौचालय बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जहां तक आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरित करने का मामला है, तो अटैच शौचालय में भी सफाई के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा। - राजीव सैजल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री