गुड़िया केस: तीन महीने और बढ़ा जैदी समेत नेगी और जोशी का निलंबन
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गुड़िया दुराचार और हत्याकांड से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड में आरोपी पुलिस अधिकारियों का निलंबन तीन महीने और बढ़ गया है। सरकार ने आईजी जहूर जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी और डीएसपी मनोज जोशी के निलंबन की मियाद 4 अक्तूबर तक बढ़ा दी है।
निलंबित अफसरों को बहाल करने को लेकर सीबीआई को भेजे गए पत्र का काई जवाब न आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। पुलिस ने आरोपी अफसरों को बहाल करने की सिफारिश सरकार से की थी।
इसके बाद सरकार ने नियमों का हवाला देते हुए मामले की जांच कर रही सीबीआई को पत्र लिखकर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा था। सीबीआई से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में सरकार ने निलंबन को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है।
इस दौरान सभी निलंबित अधिकारी पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करेंगे। गुड़िया प्रकरण से जुड़े सूरज लॉकअप हत्या मामले में आईजी जहूर जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी और मनोज जोशी समेत नौ पुलिस कर्मियों को सीबीआई ने 2017 में अलग-अलग तारीखों पर गिरफ्तार किया था।
निलंबन के दौरान मिलेगा 75 फीसदी वेतन
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मामले में जहूर जैदी को 5 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद डीडब्ल्यू नेगी को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। डीएसपी मनोज जोशी को 26 अप्रैल को स्वास्थ्य कारणों ंसे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। फिलहाल, सभी अधिकारी निलंबित हैं। उन्हें इस अवधि में पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट करना है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि किसी भी अधिकारी के निलंबन के तीन महीने तक आधा वेतन मिलता है। इस मियाद के दौरान अगर जांच पूरी न हो या निलंबन वापस न लिया जाए तो वेतन का 75 फीसदी निलंबित कर्मचारी को मिलने लगता है। इस मामले में भी निलंबित अधिकारियों को डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है। ऐसे में उन्हें भी वेतन की 75 फीसदी राशि निलंबन के दौरान दी जा रही है।