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सब हैरान, आखिर चंद घंटों में ही कैसे पलट गई पुलिस की कहानी

Fri, 14 Jul 2017 10:56 AM IST
चैतन्य ठाकुर/अमर उजाला, हलाइला (कोटखाई)
चैतन्य ठाकुर/अमर उजाला, हलाइला (कोटखाई) Updated Fri, 14 Jul 2017 10:56 AM IST
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Suspense over kotkhai Gangrape and murder case story.

गुड़िया प्रकरण में पुलिस की थ्योरी चंद घंटों में पलटती नजर आई। पहले स्थानीय निवासी आशीष चौहान उर्फ आशु की गिरफ्तारी दिखाई गई। पुलिस सूत्रों का दावा कहना था कि यह घटना में अहम कड़ी है और उसे प्राइम सस्पेक्ट माना जा रहा था।

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वीरवार की सुबह पुलिस के आधिकारिक प्रेस नोट में सिर्फ आशु की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। खास बात यह है कि प्रेस नोट जारी करने के दो घंटे बाद ही पांच अन्य लोगों की गिरफ्तारी की चौंकाने वाली कहानी सामने आ गई।
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अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस के पास जानकारी थी कि आशु मुख्य आरोपी नहीं है, तो वीरवार की सुबह 11 बजे तक सिर्फ उसे गिरफ्तार क्यों दिखाया गया? केस में अगर 55 घंटे की तफ्तीश थी और पुलिस शुरू से सही दिशा में काम कर रही थी तो सभी छह आरोपियों की गिरफ्तारी एक साथ क्यों नहीं दिखाई गई? 
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सिर्फ आशु की गिरफ्तारी का खुलासा करने की क्या जल्दी थी? क्या तब तक नेपाली थ्योरी सामने नहीं आई थी? पुलिस की ओर से दिखाई गई जल्दबाजी सवालों के घेरे में है। जबकि कन्फेशन के अलावा और कोई ठोस सबूत उसके हाथ में नहीं। रसूखदार लोगों को छोड़ पुलिस नेपाली मूल के लोंगो को आरोपी बनाएगी इसकी आशंका शुरू से व्यक्त की जा रही थी।

आखिर चंद घंटे बाद ही कैसे सामने आए पांच अन्य आरोपी

Suspense over kotkhai Gangrape and murder case story.

आरोपी आशीष चौहान की गिरफ्तारी की खबर के मीडिया में फ्लैश होने के बाद राज्य पुलिस यह मानकर चल रही थी कि वह पूरे मामले में संलिप्त है। इसके पीछे की ठोस वजह उसकी पिछली हिस्ट्री मानी जा रही थी। उसे नशे का आदी कहा जा रहा था।

उसकी मोबाइल फोन की डिटेल और फोन के भीतर मिले डाटा के आधार पर पुलिस उसे अभियुक्त मानती रही। साथ ही आशीष चौहान से लगातार हो रही पूछताछ में कुछ और संदिग्धों के नाम भी सामने आए।

हालांकि, आशीष चौहान के गुड़िया के कत्ल और दुराचार के मामले में संलिप्त होने के कोई भी पुख्ता सबूत जांच टीम के हाथ नहीं लगे। बावजूद इसके पहली गिरफ्तारी पुलिस प्रशासन की ओर से आशीष चौहान की ही दिखाई गई।

सुबह 10 बजे तक आशीष की गिरफ्तारी की बात आग की तरह पूरे इलाके में फैल चुकी थी। मीडिया में भी पुलिस की ओर से एक आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि सुबह करीब 11 बजे बाकायदा प्रेस नोट के जरिए की गई।

इस प्रेस नोट में बाकी पांच आरोपियों का कोई जिक्र नहीं था। इस पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई कि दुराचार और हत्या के यही पांचों आरोपी हैं। ये हलाइला में एक बागवान के पास काम करते थे।

अलग अलग जगहों से उठाए गए युवक

Suspense over kotkhai Gangrape and murder case story.

मुख्य आरोपी राजू इस बागवान के पास मुंशी था, जबकि चार अन्य उसके पास लेबर में थे। इन चारों में से दो नेपाली और दो उत्तराखंड के रहने वाले हैं। राजू के पिता ने अंतरजातीय विवाह कर रखा है, वह कुपवी का निवासी था। राजू बचपन से इसी बागवान के पास रहता था। उसे सात हजार महीने की पगार मिलती थी।
 
पुलिस टीम ने पांचों को अलग-अलग जगहों से उठाया। इन्हें हलाइला के अलग-अलग क्षेत्रों से उठाया गया। इनमें से एक आरोपी पुलिस के आगे टूट गया। उसने गुड़िया के साथ की गई दरिंदगी की पूरी कहानी बयां की।

नई कहानी  तब तक कोटखाई थाने से प्रदेश पुलिस मुख्यालय को आशीष चौहान की गिरफ्तारी की सूचना दी जा चुकी थी। पुलिस मुख्यालय की ओर से मीडिया में एक ही गिरफ्तारी की बात कही गई थी।

इन पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आशीष को गिरफ्तार करने की और मीडिया में खबर देने की जल्दबाजी क्या थी। यह सवालों घेरे में है। पुलिस से जुडे़ सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में संभव है कि आशीष चौहान को पुलिस की ओर से क्लीन चिट मिल जाए। 

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