धर्मशाला में भारत-पाक मैच पर संकट, हो सकता है रद्द
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दुनिया के खूबसूरत मैदानों में शुमार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में 19 मार्च को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले टी- 20 वर्ल्ड कप के मैच पर सियासी संकट के बादल छा गए हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ शहरयार के बयान के बाद क्रिकेट लॉबी में सुगबुगाहट तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीसीबी चीफ शहरयार ने आईसीसी से कहा कि उनकी टीम के खेलने का फैसला पाकिस्तान सरकार करेगी।
सरकार से सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिलने के बाद ही पाकिस्तान टीम खेलेगी। यानी, पाकिस्तान सरकार ने क्लीयरेंस नहीं दी तो धर्मशाला में 19 मार्च को पाकिस्तान के साथ मैच नहीं होगा। जानकार मान रहे हैं कि पाकिस्तान अब अपनों के नामों पर परदा डालने के बाद क्रिकेट का सहारा ले रहा है।
शांता के बाद सीएम भी कर चुके हैं मैच का विरोध
दरअसल, 26-11 हमले के आरोपी डेविड हेडली ने अमेरिका में गवाही देकर पाकिस्तान की पोल खोल दी है। पूरी दुनिया में पाकिस्तान सरकार की किरकिरी हो रही है। अपने इन्हीं कारनामों को छुपाने के लिए अब पाक सरकार इस तरह के सियासी पैंतरे बरत रही है।
अगर धर्मशाला में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच होता है तो दोनों देशों के बीच सौहार्द रिश्तों की नई शुरूआत हो सकती है। क्योंकि, इस मैच को मोदी और नवाज शरीफ भी देखने आ सकते हैं। उधर, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के इस सियासी पैंतरे के बाद अगर धर्मशाला में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होता है तो यह एचपीसीए अध्यक्ष एवं बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर के लिए बड़े झटके से कम नहीं होगा।
भारत पाकिस्तान का प्रस्तावित वेन्यू शुरू से ही धर्मशाला लगातार सियासी उलझनों में घिरता नजर आ रहा है। सबसे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने शहादत से जोड़कर धर्मशाला में इस क्रिकेट मैच का विरोध किया। इसके बाद हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा था कि धर्मशाला में भारत पाकिस्तान मैच नहीं होना चाहिए। इसके बाद हिमाचल के एक डिप्टी एडवोकेट जनरल भी मैच के विरोध में लॉबिंग कर रहे हैं।