स्वास्थ्य मंत्री बोले, बर्खास्त किए जा सकते हैं निलंबित डॉक्टर
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा है कि सात डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं से गैर हाजिर रहने और निजी प्रैक्टिस करने के आरोप में निलंबित किया गया है।
इन्हें चार्जशीट किया जा रहा है। मरीजों की गवाही ली जा रही है। अगर इन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से सिद्ध हुए तो इन्हें बर्खास्त किया जा सकता है।
कौल सिंह ठाकुर ने कहा है कि अन्य डॉक्टरों पर भी विभाग की नजर है। उन्होंने कहा कि कुछ डॉक्टर बार-बार निर्देशों के बावजूद जेनेरिक के बजाय ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी।
डाक्टरों ने लड़ी लंबी लड़ाई
नए कानून के लिए डॉक्टरों ने लंबी लड़ाई लड़ी है। कई बार हड़ताल पर गए। सीएम वीरभद्र सिंह और स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर से लगातार मिलते रहे। हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ के प्रधान डॉ. जीवानंद चौहान ने कहा कि दस साल से लड़ाई लड़ी जा रही थी। बीच में कानून तो बनाया मगर उसे जमानती अपराध बनाया गया।
डॉक्टर चाहते थे कि इसे गैर जमानती अपराध बनाया जाए। वर्ष 2015 से फरवरी 2017 तक डॉक्टरों ने कई बार हड़ताल की। डॉ. जीवानंद ने कहा कि नया कानून अब न केवल डॉक्टरों पर लागू होगा बल्कि अस्पताल की तमाम संपत्तियों पर भी लागू होगा। नर्सें, फार्मासिस्ट और कई अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी भी अस्पताल का ही हिस्सा हैं।