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Kullu: सुंदर सिंह ठाकुर बोले- भांग की खेती को औषधीय उद्देश्य के तौर पर वैध करने पर कार्य कर रही सरकार

Wed, 22 Feb 2023 10:07 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)
संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 22 Feb 2023 10:07 PM IST
सार

बुधवार को हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला की ओर से महत्वपूर्ण ‘औषधीय पौधों की खेती, स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाने का एक विकल्प’ विषय पर कार्यशाला का आगाज हुआ। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने इसमें बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। 

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Sundar Singh Thakur said Govt working on legalizing cannabis cultivation as a medicinal purpose
मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अटल बिहारी वाजपेयी हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान में औषधीय खेती से जुड़े वैज्ञानिक जुट गए हैं। तीन दिन तक राज्यभर से आए 30 से अधिक प्रतिनिधियों को यह वैज्ञानिक औषधीय खेती के तरीके बताएंगे। बुधवार को हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला की ओर से महत्वपूर्ण ‘औषधीय पौधों की खेती, स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाने का एक विकल्प’ विषय पर कार्यशाला का आगाज हुआ। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने इसमें बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधे विविधिकरण एवं अतिरिक्त आय का अच्छा विकल्प है। सरकार भांग की खेती को औषधीय और इंडस्ट्रियल उद्देश्य के तौर पर वैध करने के लिए कार्य कर रही है। इसके लिए सरकार नीति बनाएगी। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला के निदेशक डॉ. संदीप शर्मा ने हिमालय क्षेत्र की जड़ी बूटियों के स्तर, उपयोग तथा संरक्षण पर प्रकाश डाला।

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कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 800 औषधीय पौधों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इसमें से 165 प्रजातियों पर व्यापार होता है। उन्होंने कडु और निहानी संस्थान की ओर से विकसित तकनीक पर भी जानकारी साझा की। वैज्ञानिक डॉ. जगदीश सिंह बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग संस्थानों से दस वैज्ञानिक और अधिकारी औषधीय पौधों के विषयों पर जानकारी साझा करेंगे। निदेशक ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क मीरा शर्मा ने औषधीय पौधों के सरंक्षण के लिए जरूरी कदम सुझाए। सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कुलराज कपूर ने हिमालयन क्षेत्र में औषधीय पौधों की विविधता पर प्रकाश डाला। नौणी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. यशपाल ने हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण औषधीय एवं सुगंधित पौधों की कृषि तकनीक पर अपने विचार रखे।

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