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हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकारी स्कूलों से घट रहा मोह, सर्वे में खुलासा

Wed, 04 Nov 2020 10:44 AM IST
Krishan Singh अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 04 Nov 2020 10:44 AM IST
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students admission in govt schools of rural areas are also decreasing, Revealed in survey
सांकेतिक तस्वीर

हिमाचल के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकारी स्कूलों के प्रति मोह कम हो रहा है। साल 2018 के मुकाबले 2020 में छह फीसदी लड़कों और दो फीसदी लड़कियों ने सरकारी स्कूल छोड़ निजी स्कूलों में दाखिले लिए हैं। भारी-भरकम फीस के बावजूद अभिभावक निजी स्कूलों को तवज्जो दे रहे हैं। एनुअल स्टेट्स ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट 2020 के प्रथम चक्र में इसका खुलासा हुआ है। बीते दिनों नई दिल्ली में यह रिपोर्ट जारी हुई है।

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प्रदेश के 12 जिलों के 357 गांवों में 1669 घरों में फोन से हुए सर्वे पर रिपोर्ट तैयार की है। इसमें 1697 विद्यार्थियों से संपर्क किया गया। रिपोर्ट में बताया कि साल 2018 में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र 58 फीसदी और छात्राएं 64 फीसदी थे, निजी स्कूलों में इनकी संख्या क्रमश: 41 और 35 फीसदी थी। साल 2020 में छात्रों की सरकारी स्कूलों में संख्या 52 फीसदी और छात्राओं की संख्या 62 फीसदी रह गई है। निजी स्कूलों में इस साल छात्रों की संख्या 47 फीसदी और छात्राओं की संख्या 37 फीसदी पहुंच गई। 
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निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चाें के अभिभावक अधिक शिक्षित
निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक अधिक शिक्षित हैं। रिपोर्ट के अनुसार सरकारी स्कूलों के बच्चाें की आठ फीसदी माताएं और चार फीसदी पिता स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके हैं, जबकि निजी स्कूलों के लिए माताओं का यह आंकड़ा एक फीसदी और पिता का आंकड़ा 0.6 फीसदी है। सरकारी स्कूल वाली 27 फीसदी माताएं और 33 फीसदी पिता ग्यारहवीं कक्षा से अधिक पास है। निजी स्कूलों में 66 फीसदी माताएं और 64 फीसदी पिता ग्यारहवीं कक्षा से अधिक पढ़े हैं।

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कोरोना संकट ने अधिकांश घरों तक बढ़ा दी स्मार्टफोन की पहुंच

कोरोना संकट के चलते ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन की पहुंच अधिकांश घरों तक हो गई है। साल 2018 में सरकारी स्कूलों के 47.4 फीसदी और निजी स्कूलों के 75 फीसदी बच्चे स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते थे। 2020 में सरकारी स्कूलों का यह आंकड़ा 86 फीसदी और निजी स्कूलों का आंकड़ा 94 फीसदी तक पहुंच गया है। सरकारी स्कूलों में 93 फीसदी और निजी में 98 फीसदी विद्यार्थियों की पढ़ाई व्हाट्सएप से हो रही है। 

पहली बार फोन पर किया गया सर्वे
साल 2020 की यह रिपोर्ट पहली फोन आधारित सर्वेक्षण रिपोर्ट है। देश में स्कूल बंद होने के 6 महीने बाद सितंबर 2020 में संपन्न यह सर्वेक्षण ग्रामीण भारत के बच्चों के लिए दूर शिक्षा की प्रक्रियाओं, पाठ्य सामग्रियों, गतिविधियों की व्यवस्थाओं व पहुंच की पड़ताल करता है। असर 2020 का दायरा 26 राज्यों, चार केंद्र शासित प्रदेशों तक सीमित था। इसके माध्यम से 52227 घरों और 5 से 16 वर्ष की आयु के 59251 बच्चों के अलावा 8963 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों तक पहुंच बनाई गई।

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