पिटाई सहन नहीं हुई तो तीसरी मंजिल से कूदा छात्र
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शिमला के साथ लगते रोहड़ू के एक प्राइवेट स्कूल में आठवीं कक्षा के बच्चे ने शिक्षक की डांट से बचने के लिए स्कूल भवन की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना में छात्र की जान तो बच गई लेकिन वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया है।
इसकी हालत नाजुक बनी हुई है और इसे पीजीआई रैफर कर दिया गया है। उधर, अभिभावकों ने शिक्षकों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। घटना शनिवार दोपहर 12 बजे की है। स्कूल में कक्षाएं चल रही थी।
यह छात्र आयुष क्लासरूम से बाहर आया और तीसरी मंजिल की छत पर जाकर नीचे कूद गया। बाद में जब शिक्षकों को इसका पता चला तो वे तुरंत इसे स्थानीय अस्पताल ले आए। यहां से इसे शिमला आईजीएमसी अस्पताल रैफर कर दिया गया।
सिर पर लगी हैं गंभीर चोटें
हादसे से बच्चे के सिर पर गहरी चोटें लगी है। यह कुछ देर के लिए तो होश में आ रहा है लेकिन फिर थोड़ी ही देर में बेहोश हो जाता है। अब तक की जांच में सामने आ रहा है कि आयुष को पिछले काफी दिन से पीटा जा रहा था।
इसने बयान दिया है कि टीचर उसे रोज सजा देते थे। जब सजा सहन नहीं हुई तो ऐसा कदम उठा लिया। फिलहाल आयुष को शिमला से पीजीआई चंडीगढ़ के लिए शनिवार रात ही रेफर किया गया है। बच्चे का अब पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है।
बच्चे के पिता करासा गांव निवासी प्रदीप बरागटा ने बताया कि शनिवार को शरारत करने पर शिक्षकों ने बच्चे को क्लास रूम में यातनाए दी हैं।