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Shimla News: सीटू के बैनर तले तहबाजारियों ने डीसी दफ्तर के बाहर किया प्रदर्शन
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तहबाजारियों पर की जा रही कार्रवाई का जताया विरोध
बोले, घर और बच्चों का पालन-पोषण करना हो रहा मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम की ओर से तहबाजारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का रेहड़ी-फड़ी यूनियन ने फिर विरोध जताया। इसे लेकर वीरवार को सीटू के बैनर तले यूनियन ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगें उठाईं।
यूनियन ने जिला प्रशासन और नगर निगम को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 17 अगस्त को आंदोलन किया जाएगा। यूनियन सदस्यों ने कहा कि नगर निगम पिछले कई दिनों से लगातार कार्रवाई कर रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई शुरू होने के बाद से दिहाड़ी तक नहीं लग पा रही है। इससे घर चलाना और बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और यूनियन अध्यक्ष दर्शन लाल ने कहा कि शिमला शहर में वर्षों से रेहड़ी-फड़ी और तहबाजारी का काम कर हजारों परिवार अपनी आजीविका चला रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन मेहनतकश लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने के बजाय उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। उन्होंने मांग की कि तहबाजारियों को उचित स्थान उपलब्ध करवाने, लाइसेंस और वेंडिंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने तथा उनके रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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बोले, घर और बच्चों का पालन-पोषण करना हो रहा मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम की ओर से तहबाजारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का रेहड़ी-फड़ी यूनियन ने फिर विरोध जताया। इसे लेकर वीरवार को सीटू के बैनर तले यूनियन ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगें उठाईं।
यूनियन ने जिला प्रशासन और नगर निगम को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 17 अगस्त को आंदोलन किया जाएगा। यूनियन सदस्यों ने कहा कि नगर निगम पिछले कई दिनों से लगातार कार्रवाई कर रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई शुरू होने के बाद से दिहाड़ी तक नहीं लग पा रही है। इससे घर चलाना और बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और यूनियन अध्यक्ष दर्शन लाल ने कहा कि शिमला शहर में वर्षों से रेहड़ी-फड़ी और तहबाजारी का काम कर हजारों परिवार अपनी आजीविका चला रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन मेहनतकश लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने के बजाय उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। उन्होंने मांग की कि तहबाजारियों को उचित स्थान उपलब्ध करवाने, लाइसेंस और वेंडिंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने तथा उनके रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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