राजू की मां बोलीं - मेरे बेटे को फंसाने वाले आज जेल में खुद भुगत रहे हैं सजा
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कानून भले ही अंधा हो पर भगवान के घर देर है - अंधेर नहीं। ढारे के पास शव मिलने का यह मतलब तो नहीं कि कातिल मेरा बेटा है। यह कहना है बहुचर्चित गुड़िया दुराचार और हत्या मामले के आरोपी राजू की मां केसरी देवी का।
कहा कि चल बेटा ससुराल कहकर जो पुलिस वाले मेरे बच्चे को उठा ले गए, वे आज खुद जेल में हैं और अपने गुनाहों की सजा भुगत रहे हैं। गुड़िया मामले के एक अन्य आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या के बाद आरोप राजू पर मढ़ दिया गया था।
इस मामले की जांच के बाद सीबीआई ने अब पुलिस एसआईटी के खिलाफ चालान पेश किया है। आईजी, एसपी और डीएसपी समेत कुल नौ अधिकारी और कर्मचारी जेल में बंद हैं।
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए
सोमवार को हलाईला के समीप ढारे के साथ खेत में काम करते हुए राजू की मां ने छाती पीट-पीटकर कहा कि गुड़िया के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मेरा बेटा बेकसूर है। बेटे को फंसाने वाले आज खुद सजा भुगत रहे हैं।
बेटे की गिरफ्तारी के दिन को याद कर केसरी देवी खौफजदा होकर कहती हैं कि पुलिस की गाड़ी ढारे के पीछे रुकी। राजू को बुलाया और कहा - चल बेटा ससुराल। उसके बाद तीन दिन तक गिरफ्तारी का पता तक नहीं दिया।
जबरन गुनाह कबूल कराने के लिए राजू को बेरहमी से पीटा। अब उसे खून की उल्टी हो रही है। उसके बाद राजू पर सूरज की हत्या का मामला डाला गया। सीबीआई जब भी राजू को पूछताछ के लिए बुलाती तो वह तुरंत उनके पास पहुंच कर आज भी जांच में सहयोग कर रहा है। सोमवार को भी राजू और सुभाष शिमला में पेशी के लिए गए थे।