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राष्ट्रीय आयुष मिशन: औषधीय पौधों की खेती पर किसानों को मिलेगी आर्थिक मदद
Sat, 10 Sep 2022 11:56 AM IST
अरविन्द ठाकुर
पंकज राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रंगस (हमीरपुर)
पंकज राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रंगस (हमीरपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 10 Sep 2022 11:56 AM IST
सार
आयुष मिशन में किसानों को क्लस्टर के रूप में या व्यक्तिगत तौर पर भी दो हेक्टेयर भूमि पर स्टीविया की खेती करने के लिए आवेदन किया जाता है तो उसे पादप बोर्ड की ओर से 90 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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हर्बल पौधे।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय आयुष मिशन में राज्य मेडिसिनल प्लांट बोर्ड की ओर से औषधीय पौधों की खेती करने पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। राज्य पादप बोर्ड राष्ट्रीय पादप बोर्ड की सहायता से किसानों को औषधीय पौधों की खेती करने के लिए प्रेरित करता रहता है। इसके लिए समय-समय पर औषधीय पौधों की खेती करने बारे जहां किसानों को जागरूक किया जाता है। वहीं पर खेती करने के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे भी किसानों को बताया जाता है।
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मेडिसिनल प्लांट बोर्ड के नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि हाल ही में स्टेट मेडिसिनल प्लांट बोर्ड के सदस्य सचिव और निदेशक आयुर्वेद से प्राप्त पत्र के अनुसार राष्ट्रीय आयुष मिशन में किसानों को क्लस्टर के रूप में या व्यक्तिगत तौर पर भी दो हेक्टेयर भूमि पर स्टीविया की खेती करने के लिए आवेदन किया जाता है तो उसे पादप बोर्ड की ओर से 90 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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इसी तरह 3.84 हेक्टेयर भूमि पर यदि सुगंध बाला की औषधीय खेती करने बारे आवेदन आता है तो इसके लिए 1.69 लाख रुपये की आर्थिक मदद मेडिसिनल प्लांट बोर्ड की ओर से की जाएगी। इसके अलावा किसान औषधीय खेती करने के उपरांत अपने उत्पाद को अपने स्तर पर कहीं भी अच्छे दाम पर बेच सकेंगे। नोडल अधिकारी ने किसानों से औषधीय पौधों की खेती करके आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने की अपील की है।
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