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Solar Power: हिमाचल में सोलर लाइटों से जगमग नहीं हो पा रहीं अनुसूचित जाति बस्तियां

Sat, 26 Oct 2024 10:32 AM IST
Krishan Singh राकेश राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
राकेश राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Sat, 26 Oct 2024 10:32 AM IST
सार

प्रदेश की अनुसूचित जाति बस्तियां बीते करीब डेढ़ साल से बजट के अभाव में सोलर लाइटों से जगमग नहीं हो पा रही हैं। 

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Solar lights are not able to illuminate scheduled caste settlements in Himachal
सोलर पावर प्लांट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जाति बस्तियां बीते करीब डेढ़ साल से बजट के अभाव में सोलर लाइटों से जगमग नहीं हो पा रही हैं। अनुसूचित जाति मद के तहत करीब डेढ़ साल से सोलर लाइटों के लिएबजट ही उपलब्ध नहीं हो पाया है। ऐसे में विधायक के माध्यम से अनुसूचित जाति बस्तियों को निशुल्क मिलने वाली सोलर लाइटें नहीं मिल पा रही हैं। बजट के अभाव में विधायक भी जनता की मांग के अनुसार उन्हें साेलर लाइट मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं। ऐसे में उनकी भी किरकिरी हो रही है। बताया जा रहा है कि अनुसूचित जाति मद के तहत जारी होने वाली सोलर लाइट के लिए बीते वित्तीय वर्ष के साथ इस वित्तीय वर्ष भी बजट जारी तो हुआ, लेकिन इसे फिर से वापस मंगवा लिया गया। इस कारण इस मद के तहत बजट उपलब्धता नहीं है। 

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ग्रामीण क्षेत्र की इन बस्तियों में रात के समय रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइटों का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में चौक-चौराहों में अनुसूचित जाति मद के तहत जारी होने वाले बजट से ही हिम ऊर्जा विभाग के माध्यम से सोलर लाइटें इन बस्तियों में लगती हैं। लाइटें लगने पर शाम होते ही यह खुद ही ऑन हो जाती हैं, जबकि सुबह होते ही बंद हो जाती हैं। सोलर पैनल से बैटरी चार्ज होती है। इस तरह बिजली बिल का भी कोई झंझट नहीं रहता है।
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हर साल एससीडीपी के तहत सोलर लाइटें बजट के अनुसार विधायकों को आवंटित करने के लिए मिलती थीं, लेकिन इसमें भी प्रदेश सरकार ने अडंगा डाल दिया। इसकी मांग भी ली थी, लेकिन इस मद के तहत मिलने वाले बजट को ही वापस ले लिया। इससे ग्रामीणों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। बस्तियों को रोशन करने तक में सुक्ख की सरकार पीछे हट रही है। यह कहां तक तर्कसंगत है। 
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-विनोद कुमार, विधायक, नाचन

अनुसूचित जाति मद के तहत बजट उपलब्ध न होने के कारण यह दिक्कत पेश आ रही है। दूसरे मद् के तहत सोलर लाइट ली जा सकती है। -कपिल कुमार परियोजना अधिकारी, हिम ऊर्जा, मंडी

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